अमेरिकी नौसेना के कार्यवाहक सचिव हंग काओ ने घोषणा की है कि एयरक्राफ्ट कैरियर USS Abraham Lincoln 250 दिनों से अधिक की लंबी तैनाती के बाद स्वदेश लौटेगा। इस दौरान जहाज पर तैनात नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य और गिरते मनोबल को लेकर उठी चिंताओं ने अमेरिकी कांग्रेस और सैनिकों के परिजनों का ध्यान अपनी ओर खींचा है।
रोटेशन के तहत जल्द अमेरिका लौटेगा USS अब्राहम लिंकन
हंग काओ ने शुक्रवार को अपने बयान में कहा कि USS अब्राहम लिंकन ने अपनी तैनाती सफलतापूर्वक पूरी की है और तय रोटेशन के तहत जल्द ही अमेरिका लौटेगा। उन्होंने कहा कि इस पूरे मिशन के दौरान मरीन और नाविकों की सुरक्षा अमेरिकी नौसेना की सर्वोच्च प्राथमिकता रही है।
USS अब्राहम लिंकन पर तैनात नाविकों को लेकर बढ़ी थी चिंता
USS अब्राहम लिंकन पर तैनात नाविकों की समस्याओं से जुड़ी रिपोर्टों के बाद कैरियर की 250 दिनों से अधिक लंबी तैनाती को लेकर सवाल उठने लगे हैं। CNN की रिपोर्ट के मुताबिक, नाविकों के मानसिक स्वास्थ्य और कमजोर मनोबल की चिंताओं ने अमेरिकी सांसदों के साथ-साथ उनके परिवारों की भी चिंता बढ़ा दी है।
250 से ज्यादा दिनों से अरब सागर में तैनात है USS अब्राहम लिंकन
CNN के मुताबिक, ईरान के साथ जारी युद्ध में अमेरिकी सैन्य अभियानों को समर्थन देने के लिए USS अब्राहम लिंकन को वेस्ट एशिया में तैनात किया गया था। यह एयरक्राफ्ट कैरियर 250 से ज्यादा दिनों से मिशन पर है और 200 दिनों से अधिक समय से किसी पोर्ट पर नहीं रुका है। वहीं, ईरान युद्ध अब छठे महीने में प्रवेश कर चुका है।
ऑपरेशन की जरूरत के मद्देनजर बढ़ाई गई थी तैनाती
हंग काओ ने बताया कि ऑपरेशन की जरूरत को देखते हुए USS अब्राहम लिंकन की तैनाती बढ़ाई गई थी। हालांकि, उन्होंने यह भी स्वीकार किया कि लंबे समय तक चलने वाली युद्धक तैनाती के दौरान नाविकों को कई तरह की चुनौतियों और परेशानियों का सामना करना पड़ सकता है।
सैनिकों की भलाई के लिए बैलेंस बनाना जरूरी
हंग काओ ने कहा कि लंबी तैनाती के दौरान परिस्थितियों में बदलाव और अनिश्चितता बनी रहती है। ऐसे में सैन्य नेतृत्व के लिए ऑपरेशन की जरूरतों के साथ सैनिकों की सुरक्षा और भलाई के बीच संतुलन बनाए रखना जरूरी है। इसी बीच, हाल ही में USS अब्राहम लिंकन पर तैनात कुछ अमेरिकी नौसैनिकों के जहाज से कूदने की कोशिश किए जाने का दावा भी सामने आया था।

