चुनाव आयोग के Form-6 को लेकर चल रहे विवाद के बीच आयोग ने अपनी स्थिति स्पष्ट की है। मामला नए मतदाताओं के पंजीकरण से जुड़े Form-6 और उसके साथ लगाए गए Annexure-D को लेकर है।
चुनाव आयोग के मुताबिक, Form-6 में कोई बदलाव नहीं किया गया है। आयोग का कहना है कि SIR यानी विशेष गहन पुनरीक्षण के तहत Form-6 के साथ एक अलग घोषणा पत्र, Annexure-D, जोड़ा गया है। इसमें आवेदक को अपनी नागरिकता और जन्म से जुड़ी जानकारी के साथ कुछ मामलों में माता-पिता या दादा-दादी से संबंधित जानकारी देनी होती है।
इस व्यवस्था को लेकर चुनाव आयोग के दो सदस्यों की आपत्तियों की रिपोर्ट सामने आने के बाद विवाद बढ़ा था। आयोग ने बाद में स्पष्ट किया कि मूल वैधानिक Form-6 में बदलाव नहीं किया गया है और Annexure-D को अलग घोषणा के तौर पर रखा गया है।
हालांकि, इस मुद्दे पर कानूनी और प्रक्रियात्मक बहस अभी भी जारी है। कुछ रिपोर्टों में इस बात पर सवाल उठाए गए हैं कि मौजूदा घोषणा को लेकर सुप्रीम कोर्ट के पिछले फैसले की व्याख्या किस तरह की जाए।
ऐसे में नए मतदाताओं के लिए जरूरी है कि वे अपने क्षेत्र में लागू SIR के नियमों के अनुसार Form-6 और संबंधित घोषणा की प्रक्रिया पूरी करें।

