जेल में इमरान खान की मौत की चर्चा क्यों? PTI के आरोपों पर सरकार ने तोड़ी चुप्पी

पाकिस्तान के पूर्व प्रधानमंत्री और Imran Khan को लेकर इन दिनों सस्पेंस गहरा गया है। अडियाला जेल में बंद इमरान खान को लेकर पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के नेताओं ने दावा किया है कि उनकी मौत हो चुकी है और सरकार व सेना इस सच को छिपा रही है। सोशल मीडिया पर भी ऐसे दावे तेजी से वायरल हो रहे हैं। हालांकि, पाकिस्तानी सेना ने इन सभी आरोपों को सिरे से खारिज करते हुए कहा है कि इमरान खान पूरी तरह सुरक्षित हैं। बावजूद इसके, सरकार और सेना की सफाई से PTI समर्थकों की शंकाएं फिलहाल दूर नहीं हुई हैं।

सीएम सोहेल अफरीदी ने जताई आशंका
पाकिस्तान तहरीक-ए-इंसाफ (PTI) के वरिष्ठ नेता सोहेल अफरीदी ने दावा किया है कि उन्हें रावलपिंडी में सेना के कुछ अधिकारियों से ऐसी जानकारी मिली, जिससे इमरान खान को लेकर गंभीर आशंकाएं पैदा हुई हैं। उन्होंने चेतावनी दी कि अगर स्वास्थ्य आधार पर इमरान खान को जल्द रिहा नहीं किया गया, तो PTI देशव्यापी आंदोलन शुरू करेगी। वहीं, इमरान खान की बहन अलीमा खान ने भी भाई की सुरक्षा को लेकर चिंता जताते हुए कहा कि पिछली मुलाकात में इमरान ने अपनी जान को खतरा होने की आशंका व्यक्त की थी। हालांकि, इन दावों की स्वतंत्र रूप से पुष्टि नहीं हुई है।

इज खान स्टिल विद अस’
इमरान खान को लेकर अटकलों ने तब और जोर पकड़ लिया, जब अमेरिका में रहने वाले पाकिस्तानी खोजी पत्रकार वजाहत सईद खान ने दो वीडियो जारी किए। इन वीडियो में उन्होंने दावा किया कि रावलपिंडी स्थित जनरल हेडक्वार्टर (GHQ) के तीन वरिष्ठ सैन्य अधिकारियों से बातचीत के आधार पर उन्हें इमरान खान की सुरक्षा को लेकर गंभीर संकेत मिले हैं। रिपोर्ट में यह भी कहा गया कि अधिकारियों को आशंका थी कि खान अपनी जेल सेल में जीवित नहीं हो सकते। हालांकि, इन दावों की आधिकारिक पुष्टि नहीं हुई है, लेकिन इसके बाद सोशल मीडिया और अंतरराष्ट्रीय मीडिया में यह मामला तेजी से चर्चा का विषय बन गया और PTI समर्थकों की चिंता बढ़ गई।

खान को बेहद गोपनीय ढंग से रखा गया’
बाद में पत्रकार वजाहत सईद खान ने अपने दावे पर सफाई देते हुए कहा कि उनके पास इमरान खान की मौत का कोई ठोस या दस्तावेजी सबूत नहीं था। उन्होंने बताया कि उनके सूत्रों ने केवल खान की सुरक्षा और हिरासत को लेकर गंभीर आशंकाएं जताई थीं। पत्रकार के अनुसार, इमरान खान से जुड़ी जानकारी बेहद गोपनीय तरीके से सीमित सैन्य अधिकारियों के दायरे में रखी गई है, जिससे कई वरिष्ठ अधिकारी भी उनकी वास्तविक स्थिति से अनजान हैं। उन्होंने कहा कि उनकी रिपोर्ट का उद्देश्य मौत की पुष्टि करना नहीं, बल्कि सरकार और सेना से इमरान खान के सुरक्षित होने का पारदर्शी प्रमाण सामने लाने की मांग करना था।

पाकिस्तानी सेना ने क्या कहा?
इमरान खान को लेकर फैल रही अफवाहों के बीच पाकिस्तान सेना की मीडिया शाखा ISPR ने आधिकारिक बयान जारी कर मौत की खबरों को पूरी तरह खारिज कर दिया। सेना ने इन्हें झूठा और भ्रामक प्रचार बताते हुए कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इमरान खान अडियाला जेल में सुरक्षित हैं। वहीं, उनकी पत्नी बुशरा बीबी के परिजनों ने भी दावा किया कि जेल में मुलाकात के दौरान CCTV फुटेज में इमरान खान चलते हुए दिखाई दिए। हालांकि, इससे मौत की अफवाहों पर विराम लगा, लेकिन उनकी सेहत और जेल में हालात को लेकर सवाल अब भी बने हुए हैं।

खान की सेहत पर क्यों उठ रहे हैं सवाल?
इमरान खान की सेहत को लेकर भी लगातार सवाल उठ रहे हैं। उनके परिवार और कानूनी टीम का दावा है कि जेल में उनकी स्वास्थ्य स्थिति बिगड़ रही है। आरोप है कि उनका ब्लड प्रेशर बढ़ा हुआ है और एक आंख की रोशनी भी काफी प्रभावित हुई है। साथ ही, परिवार, निजी डॉक्टरों और वकीलों से नियमित मुलाकात पर भी कई तरह की पाबंदियां लगाई गई हैं। इन्हीं स्वास्थ्य संबंधी चिंताओं के आधार पर अदालत में उनकी सजा को चिकित्सकीय आधार पर निलंबित करने की मांग भी उठाई जा चुकी है।

PTI ने क्या कहा?
अफवाहों के बीच PTI ने सरकार और सेना पर सूचना छिपाने का आरोप लगाते हुए तीखी प्रतिक्रिया दी। पार्टी के नेताओं ने मांग की कि इमरान खान के निजी डॉक्टरों, परिवार और वकीलों को बिना किसी रोक-टोक के उनसे मिलने की अनुमति दी जाए। PTI ने चेतावनी दी कि यदि मुलाकातों पर पाबंदी जारी रही और उनकी सेहत को लेकर पारदर्शिता नहीं दिखाई गई, तो देशभर में बड़े पैमाने पर विरोध प्रदर्शन शुरू किए जाएंगे। वहीं, पार्टी के कानूनी प्रतिनिधियों ने सुप्रीम कोर्ट में लंबित याचिकाओं पर जल्द सुनवाई की भी मांग की।

27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर मार्च करेगी PTI
इमरान खान की रिहाई की मांग को लेकर PTI ने अपना आंदोलन तेज कर दिया है। अगस्त के पहले सप्ताह में पार्टी ने देशभर में विरोध प्रदर्शन किए, जिनके दौरान पंजाब और सिंध में 100 से अधिक समर्थकों को हिरासत में लिया गया। सबसे बड़ा प्रदर्शन पेशावर में हुआ। खैबर पख्तूनख्वा के मुख्यमंत्री मुहम्मद सुहैल अफरीदी ने चेतावनी दी कि यदि इमरान खान को न्याय नहीं मिला, तो 27 सितंबर को इस्लामाबाद की ओर बड़ा मार्च निकाला जाएगा। उन्होंने आरोप लगाया कि इमरान खान को लंबे समय से एकांत कारावास में रखा गया है और उनके परिवार के साथ भी अनुचित व्यवहार किया गया।

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