पेपर लीक के खिलाफ केंद्र सरकार ने बड़ा कदम उठाते हुए संसद में नया ‘एंटी पेपर लीक बिल’ पेश किया है। केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने लोकसभा में यह विधेयक प्रस्तुत किया। प्रस्तावित कानून का उद्देश्य भर्ती और प्रतियोगी परीक्षाओं में होने वाली धांधली पर सख्ती से रोक लगाना है। बिल के तहत हर राज्य में फास्ट ट्रैक कोर्ट गठित किए जाएंगे, जहां पेपर लीक से जुड़े मामलों की रोजाना सुनवाई होगी और 90 दिनों के भीतर ट्रायल पूरा कर फैसला सुनाया जाएगा।
पुराने कानून और नए संशोधन बिल में क्या-क्या अंतर है?
- सजा: सरकार ने पेपर लीक मामलों में सजा को और कड़ा करने का प्रस्ताव रखा है। नए संशोधन बिल के अनुसार, 2024 के कानून में निर्धारित 3 से 5 साल की सजा को बढ़ाकर 5 से 10 साल तक किया जा सकता है, ताकि परीक्षा से जुड़ी धांधली पर प्रभावी रोक लगाई जा सके।
•जुर्माना: 2024 के कानून में जहां पहले पेपर लीक के लिए 10 लाख का जुर्माना लगाया जाता था तो वहीं अब इसे बढ़ाकर 10 करोड़ रुपये कर दिया जाएगा। - जांच एजेंसी: नए संशोधन बिल में जांच प्रक्रिया में भी बड़ा बदलाव प्रस्तावित किया गया है। पहले पेपर लीक मामलों की जांच केंद्रीय जांच एजेंसियां करती थीं, लेकिन अब ऐसे मामलों की पड़ताल के लिए विशेष टास्क फोर्स (एसटीएफ) गठित करने का प्रावधान किया गया है, जिससे जांच को अधिक तेज और प्रभावी बनाया जा सके।
•जांच पूरी: 2024 के कानून में पेपर लीक से जुड़े मामलों की जांच पूरी करने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं थी, लेकिन अब नए संशोधन में 2 महीने के भीतर जांच पूरी करने की बात कही गई है।
सुनवाई: पुराने कानून के तहत पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई सामान्य अदालत में होती थी, जबकि संशोधन के बाद पेपर लीक से जुड़े मामलों की सुनवाई फास्ट ट्रैक कोर्ट में होगी। - फैसला: 2024 के कानून के मुताबिक पेपर लीक से जुड़े मामलों में फैसला सुनाने के लिए कोई समय सीमा तय नहीं थी। हालांकि संशोधन बिल में पेपर लीक से जुड़े मामलों में 3 महीने के भीतर फैसला सुनाने का प्रावधान है।
•हाईकोर्ट में अपील: प्रस्तावित संशोधन के तहत अपील प्रक्रिया को भी समयबद्ध बनाया गया है। पहले पेपर लीक से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट में अपील दाखिल करने की कोई निर्धारित समय सीमा नहीं थी, लेकिन नए बिल में 30 दिनों के भीतर अपील करने का प्रावधान किया गया है। - हाईकोर्ट का फैसला:नए संशोधन बिल में न्यायिक प्रक्रिया को तेज करने पर भी जोर दिया गया है। जहां 2024 के कानून में हाईकोर्ट के फैसले के लिए कोई समय सीमा तय नहीं थी, वहीं अब प्रस्ताव है कि पेपर लीक से जुड़े मामलों में हाईकोर्ट तीन महीने के भीतर अपना निर्णय सुनाए।
पीएम मोदी युवाओं से कर रहे संवाद
पेपर लीक मुद्दे पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी लगातार युवाओं से संवाद कर रहे हैं। 23 जुलाई को उन्होंने वीडियो संदेश के जरिए सख्त कानून लाने का संकेत दिया था, जबकि 24 जुलाई को युवाओं के समर्थन के लिए उनका आभार जताया। अब 26 जुलाई को जारी अपने तीसरे वीडियो संदेश में पीएम मोदी ने पेपर लीक मामलों से निपटने के लिए हाई पावर टास्क फोर्स के गठन की घोषणा की है।
हाई पावर टास्क फोर्स का गठन
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने बताया कि नंदन नीलेकणि की अध्यक्षता में गठित 6 सदस्यीय हाई पावर कमेटी पेपर लीक रोकने और परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता बढ़ाने के लिए सरकार को सुझाव देगी। पीएम मोदी ने कहा कि दोषियों के खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाएगी और फास्ट ट्रैक कोर्ट के जरिए मामलों का तेजी से निपटारा होगा। उन्होंने यह भी कहा कि कमेटी तकनीक के बेहतर इस्तेमाल से परीक्षा व्यवस्था को अधिक भरोसेमंद और पारदर्शी बनाने के उपाय सुझाएगी।
प्रह्लाद जोशी को शिक्षा मंत्रालय की कमान
जंतर-मंतर पर हुए प्रदर्शन के बाद शिक्षा मंत्रालय में बड़ा बदलाव देखने को मिला। धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे के बाद प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने प्रह्लाद जोशी को नया शिक्षा मंत्री नियुक्त किया है। यह बदलाव ऐसे समय में हुआ है जब सरकार राष्ट्रीय शिक्षा नीति (NEP 2020) के क्रियान्वयन और नए स्कूली पाठ्यक्रम पर काम कर रही है। पदभार संभालने के बाद प्रह्लाद जोशी ने कहा कि वह शिक्षा क्षेत्र में चल रहे सुधारों को आगे बढ़ाने और प्रधानमंत्री की अपेक्षाओं पर खरा उतरने का पूरा प्रयास करेंगे।
अबतक क्या-क्या कार्रवाई की गई?
पेपर लीक मामलों पर सख्ती दिखाते हुए सरकार ने NTA के 47 अधिकारियों को सेवा से हटा दिया है। सूत्रों के अनुसार, इन अधिकारियों के खिलाफ आपराधिक मामले भी दर्ज किए जाएंगे। यह कार्रवाई परीक्षा प्रणाली में व्यापक सुधारों की दिशा में उठाया गया बड़ा कदम माना जा रहा है। वहीं, परीक्षा संबंधी गड़बड़ियों की जांच के लिए दिल्ली पुलिस ने एक विशेष टास्क फोर्स (STF) का गठन किया है, जो UPSC से लेकर NTA तक की प्रमुख परीक्षाओं से जुड़े मामलों की पड़ताल करेगी। इस बीच, पेपर लीक प्रकरण में कई आरोपियों की गिरफ्तारी भी हो चुकी है।

