भारतीय शेयर बाजार में गुरुवार को भारी बिकवाली देखने को मिली। कारोबार के अंत में सेंसेक्स 1,045 अंक की गिरावट के साथ 71,593 के स्तर पर बंद हुआ। वहीं निफ्टी 371 अंक टूटकर 22,231 पर पहुंच गया। निफ्टी ने कारोबार के दौरान 52 हफ्तों का नया निचला स्तर भी बनाया।
इस तेज गिरावट का सीधा असर निवेशकों की संपत्ति पर पड़ा। बीएसई में लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब 10.52 लाख करोड़ रुपये घट गया। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते मिडकैप और स्मॉलकैप शेयरों में भी दबाव देखने को मिला।
बाजार में गिरावट के पीछे कई कारण बताए जा रहे हैं। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी, विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली और वैश्विक बॉन्ड यील्ड में बढ़ोतरी ने निवेशकों की चिंता बढ़ाई। इसके अलावा, आरबीआई की ओर से रेपो रेट बढ़ाए जाने और मौद्रिक नीति के रुख में सख्ती का भी बाजार पर असर पड़ा।
गुरुवार की गिरावट ने निवेशकों की चिंता बढ़ा दी है। अब बाजार की नजर आगे आने वाले आर्थिक आंकड़ों, कच्चे तेल की कीमतों और विदेशी निवेश के रुख पर रहेगी।

