रूस में एक लैब कर्मचारी की मौत के बाद प्लेग को लेकर दुनिया भर में चिंता बढ़ गई है। हालांकि, अभी तक इस मौत को प्लेग से जोड़कर आधिकारिक तौर पर पुष्टि नहीं की गई है। रूस की स्वास्थ्य एजेंसी का कहना है कि महिला की मौत निमोनिया से हुई, जिसका कारण अभी स्पष्ट नहीं है। करीब 5 हजार जांचों के बाद भी खतरनाक रोगजनक मिलने की पुष्टि नहीं हुई है और संपर्क में आए लोगों में भी प्लेग का मामला सामने नहीं आया।
विश्व स्वास्थ्य संगठन ने रूस से मामले की ज्यादा जानकारी मांगी है, ताकि जोखिम का सही आकलन किया जा सके। फिलहाल उपलब्ध जानकारी के आधार पर व्यापक महामारी फैलने का कोई ठोस सबूत नहीं है। यूरोपीय स्वास्थ्य अधिकारियों ने भी अब तक लगातार इंसान से इंसान संक्रमण के सबूत नहीं मिलने की बात कही है।
प्लेग एक बैक्टीरियल संक्रमण है, जो आमतौर पर संक्रमित पिस्सुओं और छोटे स्तनधारियों से फैलता है। इसका फेफड़ों को प्रभावित करने वाला रूप गंभीर हो सकता है और संक्रमित व्यक्ति से सांस की बूंदों के जरिए फैल सकता है। हालांकि, समय पर पहचान और एंटीबायोटिक उपचार से इसका इलाज संभव है।
फिलहाल घबराने की जरूरत नहीं है। संक्रमित व्यक्ति से नजदीकी संपर्क से बचना, हाथों की सफाई रखना और संदिग्ध लक्षण होने पर तुरंत डॉक्टर से संपर्क करना जरूरी है।

