बाजार खुलने के कुछ ही घंटों में शेयर बाजार में भारी बिकवाली हावी हो गई। गुरुवार को सेंसेक्स 800 से ज्यादा अंक फिसलकर 71,800 के स्तर से नीचे पहुंच गया, वहीं निफ्टी 50 में भी 300 से अधिक अंकों की गिरावट दर्ज हुई और यह 22,300 के नीचे आ गया। अचानक आई इस गिरावट से निवेशकों की चिंता बढ़ गई। बाजार में चौतरफा बिकवाली के चलते BSE पर लिस्टेड कंपनियों का कुल मार्केट कैप करीब ₹8 लाख करोड़ घट गया। अब सवाल है कि आखिर किन वजहों से महज कुछ घंटों में बाजार में इतनी बड़ी गिरावट देखने को मिली और निवेशकों के बीच बेचैनी क्यों बढ़ गई?
RBI के सख्त रुख से बढ़ी चिंता
शेयर बाजार में आई इस बड़ी गिरावट के पीछे RBI का हालिया फैसला भी अहम वजह माना जा रहा है। केंद्रीय बैंक ने करीब तीन साल बाद पहली बार रेपो रेट में बढ़ोतरी की है। साथ ही, RBI ने अपनी मौद्रिक नीति का रुख ‘न्यूट्रल’ से बदलकर ‘कैलिब्रेटेड टाइटनिंग’ कर दिया है।
इस बदलाव का संकेत साफ है कि महंगाई पर काबू पाने के लिए आगे भी ब्याज दरों को लेकर सख्त फैसले लिए जा सकते हैं। RBI के इस रुख से निवेशकों के बीच ब्याज दरों को लेकर अनिश्चितता बढ़ी और बाजार पर दबाव देखने को मिला।
अमेरिकी बॉन्ड यील्ड ने बढ़ाया दबाव
ग्लोबल मार्केट में बॉन्ड की बिकवाली बढ़ने का असर अमेरिकी बॉन्ड यील्ड पर भी दिखाई दिया। 30 साल के अमेरिकी बॉन्ड की यील्ड बढ़कर 5.71% के पार पहुंच गई, जबकि 10 साल की यील्ड 5.3% और 2 साल की यील्ड करीब 4.9% रही। बॉन्ड यील्ड बढ़ने के साथ इन निवेशों पर मिलने वाला रिटर्न आकर्षक हो जाता है। ऐसे में निवेशक शेयर बाजार से पैसा निकालकर बॉन्ड जैसे सुरक्षित विकल्पों का रुख कर सकते हैं। इससे इक्विटी मार्केट में बिकवाली का दबाव और बढ़ जाता है।
102 डॉलर के पार पहुंचा क्रूड
मिडिल ईस्ट में बढ़ते तनाव का असर ग्लोबल क्रूड मार्केट पर भी नजर आ रहा है। कच्चे तेल की कीमतों में तेजी के चलते ब्रेंट क्रूड 102 डॉलर प्रति बैरल के पार पहुंच गया है। भारत अपनी तेल जरूरतों का बड़ा हिस्सा आयात के जरिए पूरा करता है, इसलिए कच्चे तेल की कीमतों में बढ़ोतरी चिंता बढ़ाने वाली है। महंगा क्रूड भारत में महंगाई बढ़ाने के साथ कंपनियों की लागत पर भी दबाव डाल सकता है। इसका सीधा असर कंपनियों की कमाई और निवेशकों के भरोसे पर पड़ सकता है, जिससे शेयर बाजार के सेंटीमेंट पर दबाव देखने को मिलता है।
FII की लगातार बिकवाली
शेयर बाजार में विदेशी निवेशकों की लगातार बिकवाली ने भी दबाव बढ़ा दिया है। NSE के आंकड़ों के अनुसार, बुधवार को FII ने भारतीय शेयर बाजार से 6,121 करोड़ रुपये से अधिक की निकासी की। इसके साथ ही लगातार नौ कारोबारी सत्रों में विदेशी निवेशकों की कुल बिकवाली करीब ₹57,000 करोड़ तक पहुंच गई है। सितंबर की शुरुआत से अब तक 25 में से 20 कारोबारी सत्रों में FII नेट सेलर रहे हैं। ऐसे में बाजार पर एक तरफ ग्लोबल संकेतों और दूसरी तरफ घरेलू चिंताओं का दबाव बना हुआ है, जिससे निवेशकों की बेचैनी बढ़ी है।

