बिहार की सियासत में जनता दल यूनाइटेड यानी JDU के अंदर चल रहा अनंत सिंह और नीरज कुमार का विवाद अब पार्टी की अंदरूनी राजनीति पर सवाल खड़े कर रहा है। मामला बिहार विधान परिषद चुनाव से जुड़ा है, जहां नीरज कुमार पटना ग्रेजुएट सीट से JDU के अधिकृत उम्मीदवार हैं। वहीं मोकामा से JDU विधायक अनंत सिंह खुलकर नीरज के विरोध में खड़े दिखाई दिए और जन सुराज के उम्मीदवार अनुज सिंह के समर्थन में नजर आए।
अनंत सिंह का कहना है कि नीरज कुमार ने पहले कई मौकों पर उनका विरोध किया, इसलिए वह उन्हें चुनाव में समर्थन नहीं देंगे। दोनों नेताओं के बीच पुराना राजनीतिक मतभेद भी बताया जाता है। विवाद बढ़ने के बाद JDU नेतृत्व ने मामले को सुलझाने की कोशिश की और केंद्रीय मंत्री ललन सिंह को दोनों नेताओं के बीच मतभेद दूर करने की जिम्मेदारी दी गई।
इस पूरे घटनाक्रम में एक और नाम चर्चा में आया है और वह है नीतीश कुमार के बेटे निशांत कुमार का। निशांत ने पार्टी कार्यकर्ताओं से NDA के अधिकृत उम्मीदवारों को जिताने की अपील की और नीरज कुमार के समर्थन में खुलकर बात रखी। उनके बयान को अनंत सिंह के रुख के मुकाबले JDU की आधिकारिक लाइन के तौर पर देखा जा रहा है।
हालांकि इसे फिलहाल JDU में औपचारिक दो-फाड़ कहना जल्दबाजी होगी। पार्टी के भीतर मतभेद जरूर सामने आए हैं, लेकिन नेतृत्व की ओर से सुलह की कोशिशें भी जारी हैं। ऐसे में 23 अक्टूबर को होने वाला विधान परिषद चुनाव सिर्फ नीरज कुमार के लिए नहीं, बल्कि JDU के संगठन और अंदरूनी एकजुटता के लिए भी अहम परीक्षा माना जा रहा है।

