बांकीपुर उपचुनाव के अंतिम दौर में तेज प्रताप यादव और छात्र प्रदर्शनकारियों की गिरफ्तारी ने मुकाबले में नया मुद्दा जोड़ दिया है। इसका असर किसे फायदा और किसे नुकसान पहुंचाएगा, यह इतना सीधा नहीं है।
तेज प्रताप प्रशांत किशोर को समर्थन दे चुके हैं। दूसरी ओर उनकी गिरफ्तारी पर तेजस्वी यादव आंदोलन की चेतावनी दे रहे हैं, जबकि RJD की अपनी उम्मीदवार रेखा गुप्ता मैदान में हैं। इसलिए तेजस्वी सरकार के खिलाफ जितना दबाव बढ़ाएंगे, उससे RJD के साथ प्रशांत किशोर को भी राजनीतिक लाभ मिलने की संभावना रहेगी।

छात्रों की गिरफ्तारी इस समीकरण को और संवेदनशील बनाती है। यदि युवा मतदाताओं में सरकार के प्रति नाराजगी बढ़ती है तो सत्ता पक्ष के लिए मुश्किल हो सकती है। लेकिन नाराज वोट किसके पक्ष में जाएगा—यही निर्णायक सवाल है।
यदि सरकार-विरोधी मत RJD और प्रशांत किशोर के बीच बंटता है तो BJP को राहत मिल सकती है। वहीं यदि युवा मतदाता किसी एक विकल्प की तरफ तेजी से गोलबंद होते हैं तो चुनावी तस्वीर बदल भी सकती है।
इसलिए बांकीपुर में अब असली परीक्षा गिरफ्तारी की नहीं, उससे पैदा हुई राजनीतिक धारणा की है। नतीजा बताएगा कि छात्र असंतोष वोट में बदलता है या त्रिकोणीय मुकाबले में बंटकर रह जाता है।

