नवरात्रि और दूसरे शुभ अवसरों पर घर में माता की चौकी सजाने की परंपरा है। मान्यता है कि पूजा स्थल को सही तरीके से तैयार करने से घर का वातावरण सकारात्मक रहता है। हालांकि, चौकी सजाते समय कुछ बातों का ध्यान रखना जरूरी माना जाता है।
सबसे पहले माता की चौकी के लिए घर में साफ-सुथरी और शांत जगह चुनें। वास्तु मान्यताओं के अनुसार पूजा स्थल के लिए उत्तर-पूर्व दिशा यानी ईशान कोण को शुभ माना जाता है। चौकी को गंदे या ऐसे स्थान पर नहीं रखना चाहिए जहां आने-जाने में बार-बार परेशानी हो।
माता की प्रतिमा या तस्वीर को साफ चौकी पर स्थापित करें। पूजा की जगह पर अनावश्यक सामान इकट्ठा न करें और नियमित रूप से सफाई रखें। माता की तस्वीर या प्रतिमा रखते समय उसके आसपास पर्याप्त जगह रखना भी बेहतर माना जाता है।
अगर अखंड ज्योत जलाई जा रही है तो उसे सुरक्षित स्थान पर रखें। दीपक के आसपास कपड़े, कागज या कोई ज्वलनशील सामान न रखें। ज्योत को ऐसी जगह रखें जहां हवा के तेज झोंके से वह बुझने या आग फैलने का खतरा न हो। पूजा के दौरान दीपक की निगरानी भी जरूरी है।
इसके अलावा पूजा सामग्री को स्वच्छ रखें और पूजा स्थल पर जूते-चप्पल न लेकर जाएं। सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि धार्मिक नियमों को लेकर अलग-अलग परंपराओं में कुछ अंतर हो सकता है। इसलिए अपने परिवार की मान्यताओं और स्थानीय पूजा-पद्धति के अनुसार नियमों का पालन करना बेहतर है।

