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असम सरकार स्कूली छात्राओं को देगी स्कूटर और प्रतिदिन 100 रुपये

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असम के शिक्षा मंत्री हेमंत बिस्व सरमा ने कहा कि उनकी सरकार छात्राओं का नियमित रूप से स्कूली कक्षाओं में आना सुनिश्चित करने के लिए उन्हें स्कूटर और वित्तीय भत्ता देगी। हर छात्रा को प्रति दिन के आधार पर 100 रुपये दिए जाएंगे। स्कूली खर्च के लिए लड़कियां इस राशि का इस्तेमाल करेंगी। हेमंत बिस्व सरमा ने सोमवार को एक प्रेस कांफ्रेंस में स्कूली लड़कियों के लिए असम सरकार का बड़ा ऐलान करते हुए कहा कि उनकी सरकार अब स्कूल में पढ़ने वाली लड़कियों को स्कूटर देगी।


साथ ही इन लड़कियों को भत्ते के तौर पर कुछ धनराशि भी प्रदान की जाएगी। लड़कियां सुविधा के अभाव में स्कूल न छोड़ें, इसके लिए इस योजना का ऐलान किया गया है। असम में यह योजना पहले भी थी लेकिन दूसरे रूप में थी। असम सरकार अब तक 12वीं क्लास तक की लड़कियों को 22 हजार टू-व्हीलर्स बांट रही थी। स्टेट बोर्ड में जो लड़कियां फ‌र्स्ट डिविजन से पास करती हैं, उन्हें सरकार टू-व्हीलर देती है। अब सरकार ने एलान किया है कि सभी छात्राओं को स्कूटर दिया जाएगा। लेकिन शर्त यह है कि लड़कियों को फ‌र्स्ट डिविजन से 12वीं पास करना होगा। असम सरकार इस मद में 144.30 करोड़ रुपये खर्च करेगी।


वित्तीय सहायता की घोषणा

लड़कियों के लिए वित्तीय सहायता की योजना का ऐलान होना अभी बाकी है। इस महीने के अंत तक असम सरकार इसकी घोषणा कर देगी। Himanta Biswa Sarma ने कहा कि हर छात्रा को प्रति दिन के आधार पर 100 रुपये दिए जाएंगे। स्कूली खर्च के लिए लड़कियां इस राशि का इस्तेमाल करेंगी। इसके साथ ही अंडरग्रेजुएट का कोर्स करने वाली लड़कियों को 1500 रुपये और पोस्ट ग्रेजुएट लड़कियों को 2 हजार रुपये दिए जाएंगे।


कोरोना के कारण रुकी थी योजना

शिक्षा मंत्री Himanta Biswa Sarma ने कहा कि उन्होंने पिछले साल ही इस योजना को शुरू करने का मन बनाया था, लेकिन Coronavirus के चलते इस पर विराम लग गया। सरमा सोमवार को गुवाहाटी में एक साइकिल रैली में शामिल हुए जहां उन्होंने लड़कियों को स्कूटर वितरित किया। असम में Corona के बीच पिछले 10 महीने से स्कूल बंद हैं लेकिन एक जनवरी को इसे दोबारा खोल दिया गया है। सोमवार को साइकिल रैली के कार्यक्रम में छात्रों ने बढ़चढ़ कर हिस्सा लिया।

मदरसे होंगे बंद

अभी हाल में असम सरकार ने ऐलान किया था कि वर्षो से चल रहे मदरसों को बंद कर दिया जाएगा और उसमें अन्य स्कूलों की तरह पढ़ाई होगी। सरकार आगे चल कर संस्कृत स्कूल भी बंद करेगी। सरकारी फंड से चलने वाले मदरसों को बंद करने की योजना है। कुछ दिन पहले विधानसभा सत्र में मदरसों को बंद करने का विधयेक भी पारित कर दिया गया। Himanta Biswa Sarma ने कहा था प्रदेश में अब धर्म आधारित पढ़ाई नहीं होगी बल्कि आम स्कूलों की तरह मदरसे में भी पढ़ाई होगी। हालांकि मदरसे के शिक्षकों या गैर-शिक्षण से जुड़े कर्मचारियों को नहीं हटाया जाएगा।


15,000 छात्राओं को फरवरी में मिलेंगी स्कूटी

Himanta Biswa Sarma एक सरकारी कार्यक्रम में पहुंचे थे। इस कार्यक्रम में पिछले साल प्रथम श्रेणी से इंटर पास करने वाली छात्राओं को बाइक का वितरण किया गया। इस कार्यक्रम में 948 छात्राओं को स्कूटी दिया गया जबकि 15000 से ज्यादा छात्राओं को फरवरी में स्कूटी दिए जाएंगे। मंत्री ने कहा कि सरकार छात्राओं को दोपहिया वाहन दिया जाना जारी रखेगी चाहे एक लाख छात्राएं ही क्यों न प्रथम श्रेणी में इंटर पास करें। उन्होंने कहा कि 2020 में 22,245 छात्राओं ने प्रथम श्रेणी में इंटर पास किया है। इन छात्राओं को बाइक देने के लिए सरकार 144.30 करोड़ रुपये खर्च करेगी।

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