लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष और रायबरेली से कांग्रेस सांसद राहुल गांधी दोहरी नागरिकता केस के बाद एक और नए मामले में फंसते हुए दिखाई दे रहे हैं. इलाहाबाद हाईकोर्ट की लखनऊ बेंच ने कांग्रेस नेता के खिलाफ आय से अधिक संपत्ति के मामले में जांच का अनुरोध करने वाली याचिका पर सुनवाई के लिए 12 मई की तारीख तय की है.
न्यायमूर्ति राजेश सिंह चौहान और न्यायमूर्ति जफीर अहमद की पीठ ने कर्नाटक के भाजपा कार्यकर्ता एस. विग्नेश शिशिर द्वारा दायर याचिका पर यह आदेश पारित किया. ये याचिका सुनवाई योग्य है या नहीं, इस पर अदालत अगली सुनवाई के दौरान दलीलें सुनेगी. जिसमें दोनों पक्षों की बात सुनी जाएगी.
आय से अधिक संपत्ति मामले में याचिका
राहुल गांधी के खिलाफ दायर याचिका में याचिकाकर्ता ने आरोप लगाया गया है कि कांग्रेस सांसद और उनके परिवार के पास उनकी ज्ञात आय के स्रोतों से अधिक आय है जिसकी निष्पक्ष और पारदर्शी तरीके से जाँच होनी चाहिए. ये याचिका पिछले साल 25 अप्रैल को दायर की गई थी.
इस याचिका में केंद्र सरकार, केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई), प्रवर्तन निदेशालय (ईडी), केंद्रीय प्रत्यक्ष कर बोर्ड, उत्तर प्रदेश पुलिस और गंभीर धोखाधड़ी जांच कार्यालय के निदेशक को प्रतिवादी के रूप में नामित किया गया है. पीठ ने बुधवार को मामले की सुनवाई की लेकिन, देर शाम तक आदेश अदालत की वेबसाइट पर अपलोड नहीं किया गया था.
दोहरी नागरिकता मामले की भी जांच
बता दें कि राहुल गांधी के खिलाफ दोहरी नागरिकता का भी एक मामला कोर्ट में चल रहा है. याचिकाकर्ता का आरोप है कि राहुल गांधी के पास भारत के साथ ब्रिटेन की नागरिकता भी है. जबकि भारत का क़ानून दोहरी नागरिकता की इजाजत नहीं देता है. भारत में Citizenship Act 1955 के तहत अगर कोई व्यक्ति दूसरे देश की नागरिकता लेता है तो उसे भारत की नागरिकता छोड़नी पड़ेगी.
कोर्ट का कहना है कि राहुल गांधी पर लगे दोहरी नागरिकता के आरोपों को अनदेखा नहीं किया जा सकता है. इस मामले में गंभीरता से जाँच करनी होगी. कोर्ट ने यूपी सरकार को निर्देश दिया है कि वो इस मामले की या तो ख़ुद या किसी जांच एंजेंसी के द्वारा सत्यता का पता करे.

