Vivek Tankha ने खाड़ी देशों में काम करने वाले भारतीय कर्मचारियों पर बढ़ते एयरफेयर के बोझ को लेकर चिंता जताई है। उन्होंने केंद्र सरकार से मांग की है कि गल्फ देशों के लिए सस्ती और किफायती उड़ानों की सुविधा दोबारा शुरू की जाए। तन्खा का कहना है कि महंगे हवाई किरायों की वजह से बड़ी संख्या में प्रवासी भारतीय गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने भारत नहीं आ पा रहे हैं।
तन्खा ने 3 मंत्रियों को लिखा पत्र
Vivek Tankha ने सुझाव दिया है कि सरकार या तो हवाई किरायों में राहत दे या फिर प्रवासी भारतीयों के लिए सब्सिडी की व्यवस्था करे। इस मुद्दे को लेकर उन्होंने वित्त मंत्री Nirmala Sitharaman, विदेश मंत्री S. Jaishankar और नागरिक उड्डयन मंत्री kinjarpu Ram Mohan Naidu को पत्र लिखकर चिंता जताई है। उन्होंने कहा कि बढ़ते एयरफेयर के कारण खाड़ी देशों में काम कर रहे कई भारतीय श्रमिक गर्मियों की छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने भारत नहीं आ पा रहे हैं।
Vivek Tankha ने कहा कि खाड़ी देशों और United Arab Emirates में एक करोड़ से ज्यादा भारतीय काम करते हैं। वहां कर्मचारियों को यात्रा के लिए करीब 1000 दिरहम का तय ट्रैवल अलाउंस मिलता है, जो पहले भारत आने-जाने के लिए पर्याप्त था। हालांकि अब एयरफेयर में भारी बढ़ोतरी होने से यह राशि टिकट की आधी कीमत तक पूरी नहीं कर पा रही है, जिससे कई प्रवासी भारतीय छुट्टियों में अपने परिवारों से मिलने भारत नहीं आ पा रहे हैं।
Vivek Tankha ने कहा कि हर साल खाड़ी देशों से अपने परिवारों से मिलने भारत आने वाले कई प्रवासी भारतीय अब बढ़ते हवाई किराए और आर्थिक दबाव के कारण यात्रा नहीं कर पा रहे हैं। उन्होंने अपने पत्र में संबंधित मंत्रियों से भारत-गल्फ और United Arab Emirates रूट पर एयरफेयर की समीक्षा करने तथा जून से अगस्त के बीच किरायों को किफायती बनाने या सब्सिडी देने की मांग की है।
