80 और 90 के दशक में महाभारत का ऐसा जादू था कि इसके प्रसारण के समय लोग टीवी स्क्रीन से नजरें नहीं हटा पाते थे। बीआर चोपड़ा के इस पौराणिक शो ने लोकप्रियता के नए रिकॉर्ड बनाए। खास तौर पर ‘द्रौपदी चीर हरण’ का दृश्य दर्शकों के लिए बेहद भावुक और झकझोर देने वाला साबित हुआ। इस सीन में ‘दुशासन’ के किरदार की क्रूरता ने लोगों के मन में गहरा असर छोड़ा और इस भूमिका को निभाने वाला अभिनेता रातों-रात हर घर में पहचान बना गया।
पर्दे के दुश्शासन का असली नाम
विनोद कपूर ने महाभारत में दुशासन का किरदार इतनी दमदारी से निभाया था कि दर्शक उन्हें असल जिंदगी में भी खलनायक मानने लगे थे। उनकी तेज आवाज, भाव-भंगिमा और शानदार अभिनय ने इस नकारात्मक किरदार को यादगार बना दिया। करियर के शुरुआती दौर में इतना कठिन और क्रूर रोल निभाना आसान नहीं था, लेकिन विनोद कपूर ने अपनी बेहतरीन अदाकारी से इस किरदार को हमेशा के लिए अमर कर दिया।
विनोद कपूर का अभिनय सफर और करियर
विनोद कपूर ने अपने करियर की शुरुआत उत्तर दक्षिण और ये प्यार नहीं से की थी, लेकिन उन्हें असली पहचान महाभारत में दुशासन के किरदार से मिली। इस शो की सफलता के बाद उनके पास टीवी इंडस्ट्री में काम की भरमार हो गई। उन्होंने कानून में इंस्पेक्टर शक्ति सिंह, चंद्रकांता में बरकत खान/अमरजीत सिंह और युग में रंजीत बासु जैसे यादगार किरदार निभाए। वहीं विष्णु पुराण और रामायण में विभीषण की शांत और गंभीर भूमिका निभाकर उन्होंने अपनी अभिनय क्षमता का एक अलग ही रूप दर्शकों के सामने पेश किया।
आज कहां हैं और क्या कर रहे है विनोद कपूर
विनोद कपूर भले ही आज ग्लैमर और लाइमलाइट से दूर सादगी भरी जिंदगी जीना पसंद करते हों, लेकिन अभिनय के प्रति उनका जुनून अब भी कायम है। लंबे समय से इंडस्ट्री में सक्रिय विनोद कपूर लगातार टीवी शोज में नजर आ रहे हैं। हाल के वर्षों में उन्होंने अलादीन-नाम तो सुना होगा और कामना जैसे शोज में काम किया, जबकि साल 2023 में ध्रुव तारा-समय सदी से परे में महर्षि की भूमिका में दिखाई दिए। वर्तमान में वे सारू और माना के हम यार नहीं में अहम किरदार निभाकर दर्शकों का मनोरंजन कर रहे हैं। कैमरों की चकाचौंध से दूर रहकर भी विनोद कपूर एक सम्मानित और सक्रिय कलाकार के रूप में अपनी अलग पहचान बनाए हुए हैं।
