आजकल डायबिटीज सिर्फ बुजुर्गों ही नहीं, बल्कि बच्चों और युवाओं में भी तेजी से बढ़ रही है। इस बीमारी में ब्लड शुगर लेवल को कंट्रोल रखना बेहद जरूरी होता है, क्योंकि लापरवाही गंभीर स्वास्थ्य समस्याएं पैदा कर सकती है। ऐसे में डायबिटीज मरीजों को अपनी डाइट पर खास ध्यान देना चाहिए, खासकर सुबह के नाश्ते में। अक्सर लोग इस बात को लेकर कंफ्यूज रहते हैं कि ओट्स और दलिया में से कौन-सा विकल्प ज्यादा हेल्दी और शुगर कंट्रोल के लिए बेहतर है।
ग्लाइसेमिक इंडेक्स और ब्लड शुगर
डायबिटीज के मरीजों के लिए लो ग्लाइसेमिक इंडेक्स वाली चीजें ज्यादा फायदेमंद मानी जाती हैं, क्योंकि ये ब्लड शुगर को तेजी से बढ़ने नहीं देतीं। दलिया का जीआई कम होता है, इसलिए यह धीरे-धीरे पचकर शुगर लेवल को कंट्रोल में रखने में मदद करता है। वहीं ओट्स भी अच्छा विकल्प है, खासकर स्टील-कट ओट्स, जिनमें मौजूद बीटा-ग्लुकन फाइबर इंसुलिन सेंसिटिविटी और कोलेस्ट्रॉल दोनों के लिए फायदेमंद माना जाता है। हालांकि इंस्टेंट या फ्लेवर्ड ओट्स शुगर तेजी से बढ़ा सकते हैं, इसलिए इन्हें सीमित मात्रा में ही खाना बेहतर है।
आपके लिए क्या है बेस्ट?
डायबिटीज में ओट्स और दलिया दोनों ही हेल्दी विकल्प माने जाते हैं। हालांकि ओट्स खाते समय इंस्टेंट या फ्लेवर्ड वेरायटी से बचना चाहिए और स्टील-कट या रोल्ड ओट्स को प्राथमिकता देनी चाहिए। वहीं दलिया एक नेचुरल और कम प्रोसेस्ड फूड है, जिसे नियमित डाइट में आसानी से शामिल किया जा सकता है I
Disclaimer: यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। किसी भी फिटनेस रूटीन, डाइट बदलाव या स्वास्थ्य संबंधी उपाय अपनाने से पहले डॉक्टर या विशेषज्ञ की सलाह जरूर लें।
