भोजपुर एनकाउंटर को लेकर अब दो केंद्रीय मंत्री आमने-सामने हैं. एक तरफ केंद्रीय मंत्री जीतन राम मांझी पुलिसिया कार्रवाई को दुरुस्त बता रहे हैं तो वहीं दूसरी ओर केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान इस एनकाउंटर को लेकर पुलिस की भूमिका पर सवाल उठा रहे हैं. मीडिया से बात करते हुए शुक्रवार (3 जुलाई) को मांझी ने चिराग पासवान को ही लपेट लिया. उन्होंने कहा कि जो वो करते हैं क्या हम भी वहीं करेंगे. हमने बहुत पहले कह दिया है मेरा मत स्पष्ट है कि वहां पर पुलिस ने जो कार्रवाई की है वो एकदम सटीक है क्योंकि अगर वो कार्रवाई नहीं करते तो पुलिसवाले ही मारे जाते.
मांझी ने अपनी बात रखते हुए कहा कि अगर वो (भरत तिवारी) ठीक होता तो उसके खिलाफ शेड्यूल कास्ट शेड्यूल ट्राइब्स एक्ट (SC/ST) का केस क्यों लगा था? उन्होंने आगे कहा कि वो जो रिवाल्वर दिखला रहे थे वो रिवाल्वर क्या उनका लाइसेंसी था? तीसरी बात कि अगर पुलिस को मारना होता तो खोपड़ी में मारती, छाती में मारती पुलिस ने कमर के नीचे गोली मारी, इसका मतलब पुलिस उसकी जान नहीं लेना चाहती थी.
महापंचायत के आयोजन को लेकर मांझी ने कहा कि एकदम हमने ये सोचा कि कुछ लोग हैं जो बिहार के शासन (जो सम्राट चौधरी के नेतृत्व में अच्छे से चल रहा है) उसको डिस्टर्ब करना चाहते हैं. हम जानते थे कि हम जाएंगे तो 500 से कम आदमी नहीं आएंगे और वो 2-4 आदमी डिस्टरबेंस करेंगे तो हमारे तरफ से भी लोग चूकेंगे नहीं तो फिर बात बहुत बढ़ जाएगी. इसी कारण शांति व्यवस्था बनी रहे इसलिए अभी उसको टाल दिया गया है.
मांझी के बयान पर क्या बोले पासवान
इस मामले पर चिराग पासवान का कहना है कि जो लोग ऐसे विषयों पर भी ओछी राजनीति करते हैं वो कतई उसके पक्षदार नहीं हैं. उन्होंने कहा कि पीड़ित परिवार को न्याय मिले इसलिए मैं आज केंद्रीय गृह मंत्री अमित शाह से मिलकर आया हूं. उन्होंने आगे कहा कि जितने भी दोषी अधिकारी हैं उनके ऊपर सजा हो इसके लिए हम लोग प्रतिबद्ध हैं.
मांझी के वेलडन भोजपुर पुलिस के बयान पर पासवान ने कहा कि ये मेरी समझ के परे है कि अगर कोई आत्मसमर्पण कर रहा है उसके बावजूद इस तरीके से गोली चलाना, आप इसको जायज नहीं ठहरा सकते और जो भी दोषी हैं उनके ऊपर कानूनी कार्रवाई होनी चाहिए.

