फाल्गुन माह के कृष्ण पक्ष की चतुर्थी तिथि 5 फरवरी 2026 को सुबह 12.09 को शुरू होगी और अगले दिन 6 फरवरी 2026 को सुबह 12.22 तक रहेगी.
फाल्गुन में द्विजप्रीय संकष्टी चतुर्थी के दिन सुबह 7.07 से सुबह 8.29 तक मुहूर्त है. वहीं शाम को 4.41 से रात 9.19 तक पूजा का मुहूर्त बन रहा है.
फाल्गुन माह की संकष्टी चतुर्थी का चंद्रमा रात 9.35 मिनट पर निकलेगा. इस दिन चांद की पूजा का विशेष महत्व है. इसके बिना व्रत पूरा नहीं होता है.
संकष्टी चतुर्थी व्रत के भोजन में सेंधा नमक का इस्तेमाल नहीं करना चाहिए.व्रत में अनाज का सेवन बिल्कुल नहीं करना चाहिए. किसी से वाद-विवाद नहीं करना चाहिए. बड़े-बुजुर्गों और महिलाओं का अपमान नहीं करना चाहिए.
संकष्टी चतुर्थी के दिन सात साबुत कौड़ियां और एक मुट्ठी हरी खड़ी मूंग की दाल लें. इन सभी को एक हरे कपड़े में बांध कर किसी मंदिर की सीढ़ियां पर रख दें. ध्यान रखें कि यह प्रयोग गुप्त रुप से करना है, अतः न तो आप इस बारे में किसी को बताएं और न ही कोई व्यक्ति इस क्रिया को देखें. व्यापार में तरक्की के लिए ये उपाय लाभकारी माना जाता है.
संकष्टी चतुर्थी के दिन गायों को भी हरा चारा खिलाना चाहिए. इससे जन्मकुंडली में बुध की दशा सुधरती है और आर्थिक लाभ होता है.

