उत्तर प्रदेश में वर्ष 2027 में प्रस्तावित विधानसभा चुनाव से पहले प्रमुख विपक्षी दल समाजवादी पार्टी में टूट की चर्चा शुरू हो गई है. यह दावा किसी और ने नहीं बल्कि सुहेलदेव भारतीय समाज पार्टी (SBSP) के चीफ और योगी सरकार में मंत्री ओम प्रकाश राजभर ने किया है. इसको लेकर अब सपा के राज्यसभा सांसद रामगोपाल यादव की प्रतिक्रिया आई है. उन्होंने ओपी राजभर को ‘मूर्ख’ करार दिया और कहा कि वह उनकी बातों को तवज्जो नहीं देते.
रामगोपाल यादव ने कहा कि मूर्खों की बातों का मैं कोई नोटिस नहीं लेता हूं. समाजवादी पार्टी में टूट का कोई सवाल ही नहीं है. जो कह रहा है वह अपनी पार्टी की चिंता करे.
बता दें राजभर ने बुधवार 17 जून को सोशल मीडिया साइट एक्स पर एक पोस्ट में दावा किया कि सपा के सांसद और अखिलेश यादव के चाचा रामगोपाल यादव ने गृहमंत्री अमित शाह को एक चिट्ठी दी है जिसमें उन लोगों के नाम हैं जो गोमती रिवर फ्रंट मामले में आरोपी हैं.
बीजेपी हाईकमान से की अपील?
राजभर ने दावा किया कि इस पत्र के जरिए रामगोपाल ने बीजेपी हाईकमान से अपील की है कि उन्हें और उनके लोगों को इस मामले से बख्श दिया जाए. राजभर ने कहा कि कोई जेल थोड़े ही जाना चाहता है.
योगी के मंत्री ने दावा किया कि गोमती रिवर फ्रंट मामले में सपा प्रमुख अखिलेश यादव का भी नाम है. ओम प्रकाश राजभर के इस बयान पर सपा प्रवक्ता सुनील साजन ने भी बयान दिया. उन्होंने कहा कि पहले ओम प्रकाश राजभर मोदी को गुजरात और योगी को गोरखपुर भेज रहे थे. हमारा PDA इस बार इन्हें हराने जा रहा है.

