छात्रों से जुड़े मुद्दों को लेकर कांग्रेस सांसद और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी मंगलवार शाम प्रदर्शन में शामिल हुए। उन्होंने प्रधानमंत्री आवास के बाहर धरना देकर अपनी मांगों को उठाया। इस दौरान सरकार की ओर से केंद्रीय राज्य मंत्री जितेंद्र सिंह राहुल गांधी से मिलने पहुंचे। मुलाकात के बाद जितेंद्र सिंह ने बताया कि उन्होंने राहुल गांधी से धरना समाप्त करने का अनुरोध किया, क्योंकि यह स्थान प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं है और इससे आम लोगों को असुविधा हो रही है।
जितेंद्र सिंह ने कहा कुछ ही क्षणों में सरकार के शीर्ष नेत्रत्व की अनुमति लेने के बाद राहुल गांधी को यह आश्वसान दिया गया कि उनकी मांग को मान लिया गया है। सरकार NEET और उससे संबंधित आंदोलन के साथ जुड़े सभी विषयों पर संसद में चर्चा करने को तैयार है।
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर दी जानकारी
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म एक्स पर एक पोस्ट साझा कर पूरे घटनाक्रम की जानकारी दी। उन्होंने बताया कि उन्हें सूचना मिली थी कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खरगे, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, प्रियंका गांधी समेत पार्टी के कई वरिष्ठ नेता और समर्थक अकबर रोड के पास धरने पर बैठे हैं। उन्होंने कहा कि प्रतिनिधिमंडल के वरिष्ठ नेताओं का सम्मान करते हुए सरकार ने उन्हें और केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन को मौके पर भेजा, ताकि प्रदर्शन कर रहे नेताओं से बातचीत कर समाधान निकालने का प्रयास किया जा सके।
राहुल गांधी को दिया गया आश्वासन
जितेंद्र सिंह ने बताया कि राहुल गांधी से प्रदर्शन समाप्त करने का आग्रह किया गया, क्योंकि जिस स्थान पर धरना दिया जा रहा था, वह विरोध-प्रदर्शन के लिए निर्धारित नहीं है और इससे आम लोगों को असुविधा हो रही थी। उन्होंने कहा कि जवाब में राहुल गांधी ने स्पष्ट किया कि यदि सरकार नीट (NEET) और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने के लिए सहमत हो जाती है, तो वह तुरंत धरना समाप्त कर देंगे। केंद्रीय मंत्री के अनुसार, सरकार के शीर्ष नेतृत्व से बातचीत के बाद राहुल गांधी को आश्वस्त किया गया कि उनकी मांग स्वीकार कर ली गई है और सरकार संसद में नीट व उससे जुड़े सभी मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है।
शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह के अनुसार, जब राहुल गांधी को बताया गया कि सरकार संसद में नीट (NEET) और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए तैयार है, तो उन्होंने कहा कि अब केवल चर्चा से बात नहीं बनेगी। मंत्री ने दावा किया कि राहुल गांधी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग भी जोड़ दी और कहा कि अब उनकी दो मांगें हैं—पहली, संसद में नीट पर चर्चा और दूसरी, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। जितेंद्र सिंह ने आगे कहा कि जब उन्हें याद दिलाया गया कि शुरुआत में उन्होंने केवल संसद में चर्चा की मांग रखी थी, तो राहुल गांधी ने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल चुकी हैं। मंत्री के मुताबिक, जब इस पर उनसे विनम्रता से बात की गई, तो राहुल गांधी ने कहा कि अपनी मांगों में बदलाव करना उनका अधिकार है।
राहुल गांधी ने सरकार से कहा अब मेरी मांगे बदली
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने दावा किया कि सरकार की ओर से संसद में नीट (NEET) और उससे जुड़े मुद्दों पर चर्चा के लिए सहमति जताने के बाद भी राहुल गांधी ने अपनी मांगों में बदलाव कर दिया। उनके मुताबिक, राहुल गांधी ने कहा कि अब केवल चर्चा पर्याप्त नहीं है और केंद्रीय शिक्षा मंत्री के इस्तीफे का आश्वासन भी दिया जाना चाहिए। इस तरह उन्होंने दो मांगें रखीं—पहली, संसद में नीट पर चर्चा और दूसरी, शिक्षा मंत्री का इस्तीफा। मंत्री ने बताया कि जब राहुल गांधी को याद दिलाया गया कि शुरुआत में उन्होंने सिर्फ चर्चा की मांग की थी, तो उन्होंने जवाब दिया कि अब उनकी मांगें बदल चुकी हैं और ऐसा करना उनका अधिकार है। जितेंद्र सिंह के अनुसार, केंद्रीय गृह सचिव गोविंद मोहन ने भी उनसे अनुरोध किया कि वह धरना समाप्त करें क्योंकि वह स्थान प्रदर्शन के लिए उपयुक्त नहीं है, लेकिन राहुल गांधी ने कहा कि जहां चाहें वहां बैठकर विरोध करना भी उनका अधिकार है।
राहुल गांधी का अपनी बातों से पीछे हटना दुर्भाग्यपूर्ण- जितेंद्र सिंह
केंद्रीय मंत्री जितेंद्र सिंह ने एक्स पर साझा किए गए अपने बयान में राहुल गांधी के रवैये की आलोचना की। उन्होंने कहा कि लोकसभा में विपक्ष के नेता जैसे वरिष्ठ पद पर बैठे व्यक्ति का अपनी पहले कही गई बात से पीछे हटना दुर्भाग्यपूर्ण है और यह लोकतांत्रिक परंपराओं के अनुरूप नहीं माना जा सकता। जितेंद्र सिंह ने यह भी कहा कि सरकार नीट (NEET) और उससे जुड़े आंदोलन के सभी मुद्दों पर संसद में चर्चा कराने के लिए तैयार है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस ने अब तक नियमों के तहत इस विषय पर औपचारिक चर्चा के लिए कोई नोटिस नहीं दिया है। मंत्री के अनुसार, राहुल गांधी का यह रवैया लोकतंत्र की भावना के अनुरूप नहीं है।

