मानसून का मौसम भले ही गर्मी से राहत दिलाता हो, लेकिन इसके साथ कई तरह की स्वास्थ्य संबंधी समस्याएं भी बढ़ जाती हैं। बारिश के दौरान गंदे या जमा हुए पानी के संपर्क में आने से पैरों में खुजली, लालपन और फंगल इंफेक्शन का खतरा काफी बढ़ जाता है। लंबे समय तक पैरों में नमी और पसीना बने रहने से फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनपते हैं, जिससे संक्रमण होने की आशंका बढ़ जाती है। ऐसे में अगर आप भी बारिश के मौसम में पैरों की खुजली या फंगल इंफेक्शन से परेशान हैं, तो डॉक्टर की सलाह के साथ कुछ आसान घरेलू उपाय अपनाकर काफी हद तक राहत पा सकते हैं।
1.गुनगुने पानी और नमक से सफाई
बारिश में बाहर से आने के बाद सबसे पहले पैरों को साफ पानी से अच्छी तरह धो लें। इसके बाद गुनगुने पानी से भरे एक टब में थोड़ा सा सेंधा नमक मिलाकर 10 से 15 मिनट तक पैरों को उसमें रखें। सेंधा नमक में मौजूद एंटी-बैक्टीरियल गुण फंगस और बैक्टीरिया की वृद्धि को रोकने में मदद करते हैं। साथ ही, यह खुजली, जलन और संक्रमण की समस्या से भी राहत दिला सकता है।
2.नीम का पानी या नीम का तेल
नीम में प्राकृतिक एंटी-फंगल और एंटी-सेप्टिक गुण पाए जाते हैं, जो त्वचा के संक्रमण से लड़ने में मददगार माने जाते हैं। इसके लिए नीम की पत्तियों को पानी में उबाल लें और ठंडा होने पर उसी पानी से पैरों को धोएं। वहीं, प्रभावित हिस्से पर नारियल तेल में कुछ बूंदें नीम का तेल मिलाकर लगाने से खुजली, जलन और फंगल इंफेक्शन के लक्षणों से राहत मिल सकती है।
3.टी ट्री ऑयल
पैरों में फंगल इंफेक्शन की समस्या होने पर टी ट्री ऑयल भी फायदेमंद साबित हो सकता है। इसे सीधे त्वचा पर लगाने के बजाय नारियल या बादाम के तेल में 2-3 बूंद टी ट्री ऑयल मिलाकर तैयार करें। फिर रुई की मदद से इस मिश्रण को प्रभावित हिस्से पर लगाएं। टी ट्री ऑयल में मौजूद एंटी-फंगल गुण फंगस की वृद्धि को रोकने और संक्रमण के लक्षणों को कम करने में मदद कर सकते हैं।
4.एप्पल साइडर विनेगर
फंगल इंफेक्शन से राहत पाने के लिए एप्पल साइडर विनेगर का भी इस्तेमाल किया जा सकता है। इसके लिए एक टब में पानी लें और उसमें बराबर मात्रा में एप्पल साइडर विनेगर मिलाएं। अब अपने पैरों को इस मिश्रण में करीब 15 मिनट तक डुबोकर रखें। विनेगर का अम्लीय (एसिडिक) गुण फंगस की वृद्धि को नियंत्रित करने और संक्रमण की समस्या को कम करने में मदद कर सकता है।
इंफेक्शन से बचाव के लिए जरूरी
सावधानियां
पैरों को हमेशा सूखा रखें: नहाने या पैरों को धोने के बाद उन्हें अच्छी तरह पोंछना न भूलें। खासकर पैरों की उंगलियों के बीच की जगह को तौलिए से पूरी तरह सुखाएं, क्योंकि नमी बनी रहने पर फंगस और बैक्टीरिया तेजी से पनप सकते हैं, जिससे संक्रमण का खतरा बढ़ जाता है।
एंटी-फंगल पाउडर: पैरों में नमी रोकने के लिए रोजाना टैलकम पाउडर की जगह एंटी-फंगल पाउडर का इस्तेमाल करें।
सही जूते-चप्पल चुनें: बारिश के दिनों में बंद जूते या गीले मोजे पहनने से बचें। ऐसे जूते या स्लिपर पहनें जिनसे हवा का फ्लो बना रहे।
गीले मोजे तुरंत बदलें: अगर मोजे बारिश में भीग जाएं, तो उन्हें तुरंत उतार दें और साफ व सूखे मोजे ही पहनें।
Disclaimer:(यह लेख केवल सामान्य जानकारी के उद्देश्य से तैयार किया गया है। इसमें बताए गए उपाय किसी भी चिकित्सकीय सलाह का विकल्प नहीं हैं। यदि आपको कोई स्वास्थ्य संबंधी समस्या है या आप अपनी डाइट, फिटनेस रूटीन या उपचार में किसी तरह का बदलाव करना चाहते हैं, तो पहले योग्य डॉक्टर या स्वास्थ्य विशेषज्ञ से परामर्श अवश्य लें।)

