भारतीय रिजर्व बैंक (RBI) और कई बैंक इन दिनों अपने ग्राहकों को CKYC (Central KYC) से जुड़ा संदेश भेज रहे हैं। यह मैसेज कई लोगों को व्हाट्सऐप पर, जबकि कुछ ग्राहकों को SMS के जरिए मिल रहा है। यदि आपके पास भी CKYC अपडेट या वेरिफिकेशन से जुड़ा ऐसा कोई संदेश आया है, तो घबराने की जरूरत नहीं है। पहले यह समझना जरूरी है कि CKYC क्या है, इसकी आवश्यकता क्यों पड़ती है और इससे ग्राहकों को क्या लाभ मिलता है।
CKYC को लेकर लोगों के मन में उठ रहे कई सवाल
CKYC से जुड़े मैसेज मिलने के बाद कई लोगों के मन में यह सवाल उठ रहा है कि आखिर CKYC क्या है और इसकी जरूरत क्यों पड़ती है। खास बात यह है कि बड़ी संख्या में लोग पहली बार इस शब्द के बारे में सुन रहे हैं, इसलिए इसे लेकर भ्रम होना स्वाभाविक है। यदि आपके मन में भी CKYC को लेकर कोई सवाल है, तो इस लेख में हम इससे जुड़े सभी जरूरी सवालों के आसान और स्पष्ट जवाब दे रहे हैं।
CKYC नंबर क्या होता है
CKYC का पूरा नाम Central Know Your Customer (सेंट्रल नो योर कस्टमर) है। यह एक केंद्रीकृत KYC प्रणाली है, जिसके तहत ग्राहक की पहचान और जरूरी दस्तावेजों का सत्यापन केवल एक बार किया जाता है। वेरिफिकेशन पूरा होने के बाद आपकी जानकारी एक सुरक्षित केंद्रीय डेटाबेस में दर्ज कर ली जाती है और आपको 14 अंकों का एक यूनिक CKYC नंबर जारी किया जाता है। यह नंबर आपके KYC रिकॉर्ड से जुड़ा रहता है और देशभर में विभिन्न वित्तीय संस्थानों के साथ KYC प्रक्रिया को आसान बनाता है।
CKYC क्यों जरूरी है
CKYC भारत सरकार द्वारा शुरू की गई एक केंद्रीकृत ‘वन-टाइम KYC’ व्यवस्था है, जिसका उद्देश्य वित्तीय सेवाओं को अधिक सरल, तेज और सुरक्षित बनाना है। पारंपरिक KYC की तरह ही इसका मकसद भी ग्राहकों की पहचान सुनिश्चित करना, वित्तीय धोखाधड़ी (Financial Fraud) और मनी लॉन्ड्रिंग जैसी गतिविधियों पर रोक लगाना है। साथ ही, यह ग्राहकों के KYC रिकॉर्ड को सुरक्षित केंद्रीय डेटाबेस में संरक्षित रखता है, जिससे अलग-अलग वित्तीय संस्थानों में बार-बार KYC कराने की जरूरत नहीं पड़ती।
CKYC के क्या-क्या फायदे हैं
CKYC की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह वन-टाइम KYC सिस्टम है। एक बार CKYC पूरा होने के बाद आपको हर नए बैंक या वित्तीय संस्थान में बार-बार KYC कराने और वही दस्तावेज जमा करने की जरूरत नहीं पड़ती। आपका 14 अंकों का यूनिक CKYC नंबर ही आपके सत्यापित KYC रिकॉर्ड से जुड़ा होता है, जिससे KYC प्रक्रिया काफी आसान और तेज हो जाती है।
इतना ही नहीं, यदि आप किसी नए बैंक में खाता खोलना चाहते हैं या किसी वित्तीय संस्था की सेवा लेना चाहते हैं, तो कई मामलों में केवल अपना CKYC नंबर साझा करके भी KYC प्रक्रिया पूरी की जा सकती है। इससे न सिर्फ समय की बचत होती है, बल्कि बार-बार दस्तावेज जुटाने और जमा करने की परेशानी से भी राहत मिलती है।
CKYC नंबर कैसे मिलेगा
CKYC नंबर प्राप्त करने के लिए आप अपने बैंक से संपर्क कर सकते हैं।
•इसके अलावा, आप 7799022129 पर कॉल कर भी CKYC नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
•इसके साथ ही आप https://ckycindia.in पर जाकर भी CKYC नंबर प्राप्त कर सकते हैं।
CKYC के लिए किन डॉक्यूमेंट्स की जरूरत पड़ती है
•पहचान का प्रूफ: आधार कार्ड, पैन कार्ड, पासपोर्ट या ड्राइविंग लाइसेंस।
•पते का प्रूफ: बिजली बिल, पानी बिल, लैंडलाइन बिल, ब्रॉडबैंड बिल, रेंट एग्रीमेंट या आपके पते वाला कोई भी सरकारी डॉक्यूमेंट।
•फोटो: हाल-फिलहाल में लिया गया पासपोर्ट साइज फोटो।
ऑनलाइन CKYC स्टेटस कैसे चेक करें
•CKYC पोर्टल https://ckycindia.in पर जाएं।
•अपना पैन या CKYC नंबर डालें।
•अपना स्टेटस देखें और पक्का करें कि आपकी जानकारी अप-टू-डेट है।
KYC और CKYC में क्या अंतर है
सामान्य KYC और CKYC के बीच सबसे बड़ा अंतर यह है कि पारंपरिक KYC किसी एक बैंक या वित्तीय संस्था तक सीमित होती है। यानी, यदि आपने एक बैंक में KYC कराई है, तो दूसरे बैंक या वित्तीय कंपनी में दोबारा KYC की प्रक्रिया पूरी करनी पड़ सकती है। वहीं, CKYC एक केंद्रीकृत व्यवस्था है, जिसके तहत जारी 14 अंकों का यूनिक CKYC नंबर देशभर के विभिन्न बैंक और वित्तीय संस्थान स्वीकार कर सकते हैं। इससे अलग-अलग जगहों पर बार-बार KYC कराने की आवश्यकता काफी हद तक कम हो जाती है।

