शारदीय नवरात्रि के चौथे दिन मां दुर्गा के चौथे स्वरूप मां कूष्मांडा की पूजा की जाती है। धार्मिक मान्यताओं के अनुसार, मां कूष्मांडा को सृष्टि की रचनाकार और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है। मान्यता है कि उनकी आराधना से जीवन में सुख, समृद्धि और सकारात्मकता आती है।
इस साल शारदीय नवरात्रि का चौथा दिन 14 अक्टूबर, बुधवार को है। इस दिन भक्त मां कूष्मांडा की विधि-विधान से पूजा करेंगे।
पूजा के लिए सुबह स्नान करके साफ कपड़े पहनें। इसके बाद पूजा स्थल पर मां की प्रतिमा या तस्वीर स्थापित करें। माता को फूल, फल, अक्षत, धूप और दीप अर्पित करें। पूजा के दौरान मां के मंत्र ‘ॐ देवी कूष्माण्डायै नमः’ का जाप कर सकते हैं।
धार्मिक मान्यता के अनुसार, मां कूष्मांडा को मालपुआ और पीले रंग की मिठाइयों का भोग प्रिय माना जाता है। भक्त अपनी श्रद्धा के अनुसार फल और अन्य सात्विक प्रसाद भी अर्पित कर सकते हैं।
मां कूष्मांडा को आठ भुजाओं वाली देवी भी कहा जाता है। उनका स्वरूप तेज और ऊर्जा का प्रतीक माना जाता है।
नवरात्रि के इस पावन अवसर पर भक्त मां से परिवार की सुख-शांति और खुशहाली की प्रार्थना करते हैं।

