National Crime Record Bureau की ‘क्राइम इन इंडिया 2024’ रिपोर्ट के मुताबिक, देश में महिलाओं के खिलाफ अपराध 4.41 लाख से ज्यादा मामले दर्ज किए गए हैं। हालांकि 2023 के मुकाबले मामलों में मामूली कमी आई है; लेकिन स्थिति अब भी चिंता बढ़ने वाली बनी हुई है। रिपोर्ट में सबसे ज्यादा मामले घरेलू हिंसा और पति या रिश्तेदारों की क्रूरता से जुड़े रहे, जिनकी संख्या 1.20 लाख से अधिक रही। इसके अलावा महिलाओं के अपहरण और छेड़छाड़ के हजारों मामले भी दर्ज किए गए।
रेप के कितने मामले ?
‘National Crime Records Bureau’ की 2024 रिपोर्ट के मुताबिक, देश में बलात्कार के 29,536 मामले दर्ज किए गए। रिपोर्ट में यह भी सामने आया कि महिलाओं के खिलाफ अपराधों में POCSO एक्ट के तहत दर्ज मामलों की संख्या भी काफी अधिक रही। वहीं महानगरों में महिलाओं से जुड़े 50 हजार से ज्यादा अपराध दर्ज हुए, जिनमें घरेलू हिंसा, अपहरण और यौन अपराध प्रमुख रहे। विशेषज्ञों का मानना है कि घरेलू हिंसा भी अब सामाजिक अपराध का गंभीर रूप ले चुकी है, जबकि जबरन शादी, मानव तस्करी और यौन शोषण जैसे मामलों में भी लगातार बढ़ोतरी देखी जा रही है।
रेप के मामलों में आरोपी परिचित
National Crime Records Bureau की ‘Crime in India 2024’ रिपोर्ट में रेप मामलों को लेकर एक अहम खुलासा किया गया है। रिपोर्ट के अनुसार, अधिकांश मामलों में आरोपी कोई अजनबी नहीं, बल्कि पीड़िता का परिचित होता है। इस विषय को लेकर NCRB ने “Offenders Relation to Victims of Rape – 2024” नाम से अलग आंकड़े भी जारी किए हैं।
रिपोर्ट के अनुसार रेप मामलों में आरोपी अक्सर इन कैटेगरी से होते हैं:
दोस्त या परिचित, पड़ोसी , रिश्तेदार, परिवार से जुड़े लोग ,शादी या रिश्ते का झांसा देने वाले आरोपी , सोशल मीडिया/ऑनलाइन पहचान वाले लोग
“National Crime Records Bureau” के आंकड़े बताते हैं कि महिलाओं और लड़कियों के खिलाफ होने वाले यौन अपराधों में सबसे ज्यादा भूमिका परिचित लोगों की होती है। रिपोर्ट के मुताबिक महिलाओं के खिलाफ अपराधों में घरेलू हिंसा, अपहरण और यौन उत्पीड़न के मामले बड़ी संख्या में सामने आए। वहीं साल 2024 में रेप के 29,536 केस दर्ज किए गए।
बच्चों के खिलाफ कितने अपराध?
“National Crime Records Bureau” की 2024 रिपोर्ट में बच्चों के खिलाफ बढ़ते अपराधों को लेकर गंभीर चिंता जताई गई है। रिपोर्ट के मुताबिक, देशभर में बच्चों के खिलाफ 1.87 लाख से ज्यादा मामले दर्ज हुए, जो पिछले साल की तुलना में करीब 6 फीसदी अधिक हैं। इनमें सबसे ज्यादा मामले किडनैपिंग और POCSO एक्ट से जुड़े रहे। वहीं 2024 में 98 हजार से अधिक बच्चे लापता हुए, जिनमें बड़ी संख्या लड़कियों की थी। रिपोर्ट में सोशल मीडिया, ऑनलाइन गेमिंग और फर्जी पहचान के जरिए बच्चों को निशाना बनाने, मानव तस्करी और यौन शोषण जैसे मामलों में बढ़ोतरी का भी जिक्र किया गया है।
