भारतीय रिजर्व बैंक ने बुधवार को रेपो रेट में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी की है। इसके बाद रेपो रेट बढ़कर 5.50 फीसदी हो गया है। करीब चार साल बाद हुई इस बढ़ोतरी का सीधा असर लोन लेने वाले ग्राहकों पर पड़ सकता है।
आरबीआई के फैसले के कुछ ही घंटों बाद कई बैंकों ने अपनी रेपो-लिंक्ड लेंडिंग दरों में बढ़ोतरी कर दी। पंजाब नेशनल बैंक यानी PNB ने अपनी Repo Linked Lending Rate को 8.10 फीसदी से बढ़ाकर 8.35 फीसदी कर दिया है। यह बदलाव 8 अक्टूबर से लागू हुआ है।
वहीं Indian Bank ने अपनी Repo Linked Benchmark Lending Rate को 7.95 फीसदी से बढ़ाकर 8.20 फीसदी कर दिया। Bank of Baroda ने भी अपनी Repo Based Lending Rate में 25 बेसिस पॉइंट की बढ़ोतरी करते हुए इसे 8.15 फीसदी कर दिया है। Bank of India और Indian Overseas Bank ने भी अपनी संबंधित दरों में बढ़ोतरी की है।
इसका असर खासतौर पर उन ग्राहकों पर पड़ेगा जिनके लोन की ब्याज दर रेपो रेट या किसी बाहरी बेंचमार्क से जुड़ी है। ऐसे लोन में अगली रीसेट तारीख पर EMI बढ़ सकती है या लोन की अवधि लंबी हो सकती है। वहीं फिक्स्ड रेट वाले लोन पर इस फैसले का सीधा असर नहीं पड़ता।

