काहिराः ईरान समर्थित यमन के हूती विद्रोहियों ने सऊदी अरब के आभा और किंग खालिद इंटरनेशनल एयरपोर्ट को निशाना बनाया। हमले में कुल 3 लोगों की मौत हुई, जबकि 36 लोग घायल बताए गए हैं। घायलों को इलाज के लिए अस्पताल में भर्ती कराया गया है। सऊदी जनरल अथॉरिटी फॉर सिविल एविएशन ने हमले के लिए किसी पक्ष को सीधे तौर पर जिम्मेदार नहीं ठहराया, हालांकि हूती विद्रोहियों ने इसकी जिम्मेदारी ली है। अधिकारियों के मुताबिक, आभा एयरपोर्ट पर हमले में मोरक्को और अल्जीरिया के नागरिकों की मौत हुई और 28 लोग घायल हुए, जबकि किंग खालिद एयरपोर्ट पर एक सूडानी नागरिक की मौत हुई और 8 अन्य घायल हुए।
हूती विद्रोहियों के खिलाफ सऊदी नेतृत्व वाले गठबंधन के प्रवक्ता मेजर जनरल तुर्की अल-माल्की ने बताया कि सेना ने रियाद के उत्तर में एक बैलिस्टिक मिसाइल को हवा में ही रोक दिया। इसके साथ ही यमन की राजधानी सना में उस लॉन्च प्लेटफॉर्म को भी नष्ट कर दिया गया, जिसका इस्तेमाल सऊदी राजधानी रियाद को निशाना बनाने के लिए किया गया था।
तेल कंपनियों की सुरक्षा बढ़ाई गई
पिछले कुछ दिनों में रियाद को निशाना बनाए जाने की घटनाओं के बाद राजधानी के एयरपोर्ट के पास सऊदी सरकार की तेल कंपनी अरामको के फ्यूल टैंक और अन्य उपकरणों की सुरक्षा बढ़ा दी गई है। यहां इनके चारों ओर पिंजरे जैसी नई बाड़ लगाई गई है। दुनिया के प्रमुख तेल निर्यातक सऊदी अरब में हाल के दिनों में तेल और सैन्य ठिकानों को निशाना बनाए जाने से चिंता बढ़ी है। इन हमलों का असर होर्मुज जलडमरूमध्य के वैकल्पिक शिपिंग मार्ग पर भी पड़ने की आशंका है, जहां ईरान के साथ जारी संघर्ष के चलते पहले ही आवाजाही प्रभावित हुई है।
हूतियों पर जवाबी कार्रवाई
वहीं, सऊदी अरब और उसके सहयोगी यमनी बलों ने विद्रोहियों के कब्जे वाले इलाकों को वापस लेने के लिए जमीन और हवा से बड़ा सैन्य अभियान शुरू किया है। इन क्षेत्रों पर हूती विद्रोहियों ने करीब एक महीने पहले यमन के पश्चिमी लाल सागर तट और बाब अल-मंदेब जलडमरूमध्य के आसपास कब्जा किया था। इन रणनीतिक ठिकानों के जरिए हूती विद्रोहियों को समुद्री गतिविधियों पर नजर रखने में मदद मिल रही थी और वे सऊदी से जुड़े जहाजों की आवाजाही को बाधित करने की कोशिश कर रहे थे।

