दिग्गज अभिनेता नाना पाटेकर के निधन के बाद उनका आखिरी सार्वजनिक भाषण चर्चा में है। निधन से चार दिन पहले, 4 अक्टूबर को नाना पाटेकर गोवा के डोना पाउला में आयोजित एक कार्यक्रम में शामिल हुए थे। यह उनका आखिरी सार्वजनिक कार्यक्रम साबित हुआ।
कार्यक्रम के दौरान नाना पाटेकर ने जिंदगी की अनिश्चितता को लेकर अपनी बात रखी। उन्होंने कहा कि हर किसी को एक दिन इस दुनिया से जाना है और यह पता नहीं होता कि अगला दिन किसके लिए क्या लेकर आएगा। उनका यह बयान अब सोशल मीडिया पर चर्चा का विषय बना हुआ है।
नाना पाटेकर ने अपने संबोधन में लोगों से जिंदगी को सार्थक तरीके से जीने और दूसरों के लिए कुछ करने की बात भी कही। उन्होंने दिवंगत गोवा के पूर्व मुख्यमंत्री और अपने मित्र मनोहर पर्रिकर को भी याद किया।
उस समय कार्यक्रम में मौजूद लोगों ने शायद सोचा भी नहीं होगा कि यह नाना पाटेकर का आखिरी सार्वजनिक संबोधन बन जाएगा। लेकिन 8 अक्टूबर को उनके निधन की खबर सामने आने के बाद उनके ये शब्द लोगों को भावुक कर रहे हैं।
नाना पाटेकर ने थिएटर के साथ हिंदी और मराठी सिनेमा में लंबे समय तक काम किया। उनके दमदार अभिनय और प्रभावशाली संवाद अदायगी ने उन्हें दर्शकों के बीच खास पहचान दिलाई। उनके निधन से फिल्म जगत में शोक का माहौल है।

