भाजपा नेता डॉ. विजय जॉली की पहल और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी से की गई अपील के बाद भारत में जन्मे दीपक वाधवा के पार्थिव शरीर को लंदन से भारत लाने की प्रक्रिया शुरू हो गई है। परिवार चाहता है कि उनका अंतिम संस्कार भारत में हिंदू रीति-रिवाजों के अनुसार किया जाए। बताया गया है कि पीएम मोदी ने इस मामले में 24 घंटे के भीतर कार्रवाई के निर्देश दिए, जिसके बाद लंदन में परिवार को एनओसी जारी करने की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। विजय जॉली ने बताया कि उन्होंने दीपक वाधवा की पत्नी से बात की है। उन्होंने इस मानवीय पहल के लिए आभार जताया। जॉली ने कहा कि यह सब प्रधानमंत्री मोदी की पहल और उनके निर्देशों से संभव हो पाया है।
डॉ. विजय जॉली ने की थी अपील
इस मामले में भाजपा नेता विजय जॉली ने पहले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी को पत्र लिखकर मदद की अपील की थी। पत्र में उन्होंने बताया कि भारतीय मूल के दीपक वाधवा का जन्म 1 अक्टूबर 1982 को पंजाब के जालंधर में हुआ था। वह यूनाइटेड किंगडम गए थे, जहां 21 अक्टूबर 2026 को लंदन में उनका निधन हो गया। जॉली के मुताबिक, दीपक के पास भारतीय पासपोर्ट था, जो 14 नवंबर 2019 को जारी हुआ था और 13 नवंबर 2029 तक वैध था। इसके अलावा उनके पास पांच साल का भारतीय वीजा भी था। सितंबर 2025 में उन्हें ब्रिटिश नागरिकता मिल गई थी। उनकी पत्नी शिल्पी सैनी और बेटी मेहर वाधवा के पास ओवरसीज सिटिजन ऑफ इंडिया (OCI) कार्ड हैं।
दीपक वाधवा का अंतिम संस्कार भारत में कराने की अपील, विजय जॉली ने PM मोदी से मांगी मदद
विजय जॉली ने अपने पत्र में बताया कि दीपक वाधवा का परिवार इस मुश्किल घड़ी में गहरे सदमे से गुजर रहा है। परिजन चाहते हैं कि दीपक के पार्थिव शरीर को भारत लाया जाए, ताकि उनके पैतृक देश में हिंदू रीति-रिवाजों और पारिवारिक परंपराओं के अनुसार अंतिम संस्कार किया जा सके। उन्होंने प्रधानमंत्री मोदी से अपील की कि विदेश मंत्रालय और लंदन स्थित भारतीय उच्चायोग को जरूरी निर्देश दिए जाएं, ताकि परिवार को हर संभव मदद मिल सके। साथ ही, पार्थिव शरीर को जल्द भारत लाने के लिए आवश्यक एनओसी और अन्य मंजूरियां जारी कराने की भी मांग की गई।

