प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने मंगलवार को पुणे को करीब 21,800 करोड़ रुपये की मेट्रो परियोजनाओं की बड़ी सौगात दी। उन्होंने वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से 23 किलोमीटर लंबी पुणे मेट्रो की पिंक लाइन का उद्घाटन किया। इसके साथ ही मेट्रो के दूसरे चरण (फेज-2) की आधारशिला भी रखी। इन परियोजनाओं के शुरू होने से पुणे की यातायात व्यवस्था और कनेक्टिविटी को मजबूती मिलने की उम्मीद है।
करीब 8,300 करोड़ रुपये की लागत से तैयार पिंक लाइन हिंजेवाड़ी और शिवाजीनगर जैसे प्रमुख इलाकों को आपस में जोड़ेगी। हिंजेवाड़ी पुणे का बड़ा IT हब है, इसलिए इस मेट्रो सेवा से यहां काम करने वाले हजारों कर्मचारियों को राहत मिलने की संभावना है। वहीं, मेट्रो फेज-2 पर करीब 13,500 करोड़ रुपये खर्च किए जाएंगे। दोनों परियोजनाओं पर कुल निवेश लगभग 21,800 करोड़ रुपये है।
2014 से पहले 248 किमी था मेट्रो नेटवर्क, अब 1200 किमी तक पहुंचा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने देश में मेट्रो नेटवर्क के विस्तार का जिक्र करते हुए कहा कि भारत में पहली मेट्रो सेवा साल 1984 में शुरू हुई थी। इसके बाद 2014 तक करीब 30 वर्षों में देश में महज 248 किलोमीटर का मेट्रो नेटवर्क विकसित हो पाया था और केवल पांच शहरों में ही मेट्रो चलती थी। पीएम मोदी ने कहा कि 2014 में NDA सरकार बनने के बाद शहरी परिवहन को बेहतर बनाने और मध्यम वर्ग के लोगों का सफर आसान करने पर विशेष ध्यान दिया गया। इसी का परिणाम है कि आज देश का मेट्रो नेटवर्क बढ़कर करीब 1,200 किलोमीटर हो गया है। वहीं, मेट्रो सेवाओं का विस्तार पांच शहरों से बढ़कर अब 26 शहरों तक पहुंच चुका है।
मेट्रो से बेहतर होगी शहर में रहने की सुविधा
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने कहा कि पुणे आज IT, ऑटोमोबाइल, फार्मा, स्टार्टअप और मैन्युफैक्चरिंग जैसे क्षेत्रों में युवाओं के लिए बड़े अवसरों का केंद्र बन गया है। उन्होंने कहा कि मेट्रो नेटवर्क के विस्तार से शहर के विकास को और रफ्तार मिलेगी। पीएम मोदी के अनुसार, किसी शहर की पहचान अब सिर्फ उसके उद्योगों और खानपान से नहीं, बल्कि वहां कारोबार करने की आसानी और लोगों को मिलने वाली जीवन सुविधाओं से भी होती है। ऐसे में मेट्रो परियोजनाएं बेहतर कनेक्टिविटी के साथ कारोबार और जीवन स्तर को सुधारने में भी महत्वपूर्ण योगदान देती हैं।
पुणे मेट्रो 30 फीसदी बिजली खुद पैदा करेगी
महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने इस मौके पर कहा कि पुणे मेट्रो अपनी कुल बिजली जरूरत का 30 फीसदी हिस्सा खुद पैदा करेगी। इससे मेट्रो का संचालन पर्यावरण के अनुकूल होगा और इसे ग्रीन मेट्रो के रूप में विकसित किया जा सकेगा। उन्होंने बताया कि पुणे मेट्रो कई नए कीर्तिमान भी स्थापित कर रही है। वहीं, प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस दौरान पुणे मेट्रो के फेज-2 सहित कई अन्य विकास परियोजनाओं की आधारशिला भी रखी।

