इस्लामाबाद: पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर की अमरीका और ईरान के बीच मध्यस्थ बनने की कोशिश तेहरान दौरे के दौरान बेअसर साबित हुई। उनकी कोशिशों के बावजूद ईरान ने साफ कर दिया को वह अपने परमाणु कार्यक्रम से पीछे नहीं हटेगा और न ही एनरिच यूरेनियम किसी को ट्रांसफर करेगा। इससे पहले मुनीर ने डोनाल्ड ट्रंप तक यह संदेश पहुंचाने की कोशिश की थी कि ईरान इस मुद्दे पर नरम पर गया है, लेकिन तेहरान ने ऐसे किसी बात से इनकार कर दिया।
ईरान के सभी टॉप लीडरों को मनाया, फिर भी कुछ हाथ न आया
पाकिस्तान के आर्मी चीफ आसिम मुनीर ने अपने तीन दिवसीय तेहरान दौरे के दौरान ईरान के शीर्ष नेताओं को मानने की कोशिश की, ताकि अमेरिका के साथ चल रहे तनाव में कोई रास्ता निकला जा सके। हालांकि ईरान ने अपनी शर्तों से पीछे हटने से साफ इंकार कर दिया। शनिवार को उनका यह आधिकारिक दौरा खत्म हो गया। यह यात्रा अमेरिका-ईरान तनाव को कम करने और क्षेत्र में स्थिरता लाने के पाकिस्तान के प्रयासों का हिस्सा मानी जा रही है।
अमेरिका-ईरान के बीच दो सप्ताह के युद्धविराम के बाद आसिम मुनीर ईरान पहुंचने वाले पहले विदेशी सैन्य नेता बने। इस दौरान उन्होंने उच्चस्तरीय पाकिस्तान प्रतिनिधिमंडल का नेतृत्व किया। आईएसपीआर के अनुसार, उन्होंने राष्ट्रपति मसूद पेजेशिकियन से मुलाकात की, साथ ही संसद अध्यक्ष मोहमद बागेर ग़लीबाफ, विदेश मंत्री अब्बास अरागची और खातम उल-अंबिया मुख्यालय के कमांडर मेजर जनरल अली अब्दुल्लाही से बातचीत की। इस प्रतिनिधिमंडल में पाकिस्तान के गृह मंत्री मोहसिन नकवी भी शामिल रहे।
पूरा नहीं हुआ ट्रंप को खुश करने का मकसद
पाकिस्तान इस वार्ता को सफल बनाने के लिए पूरी कोशिश में जुटा रहा, लेकिन उसे उम्मीद के मुताबिक नतीजे नहीं मिल सके। आईएसपीआर के अनुसार, आसिम मुनीर की सभी बैठकों का मकशद क्षेत्र में स्थायी शांति और स्थिरता को बढ़वा देना था।बातचीत में क्षत्रिय सुरक्षा हालात, चल रहे कूटनीतिक प्रयासों और लंबित मुद्दों के शांतिपूर्ण समाधानपार जोर दिया गया। हालांकि इन प्रयासों के बावजूद मुनीर को तेहरान से बिना ठोस सफलता के लौटना पड़ा।
