अमरनाथ यात्रा 2026 का शुभारंभ: बाबा बर्फानी के दर्शन को रवाना हुआ पहला जत्था, गूंजे ‘हर-हर महादेव’

Amarnath Yatra 2026: श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 का गुरुवार को भव्य आगाज हो गया। जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाकर रवाना किया। जैसे ही श्रद्धालुओं का काफिला रवाना हुआ, पूरा परिसर ‘हर-हर महादेव’ और ‘बम-बम भोले’ के जयकारों से गूंज उठा।
बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए निकले श्रद्धालुओं में खासा उत्साह देखने को मिला। श्रद्धालु हाथों में धार्मिक झंडे और पूजा सामग्री लेकर पूरे जोश और भक्ति के साथ यात्रा पर रवाना हुए।
सोशल मीडिया पर सामने आए वीडियो में उपराज्यपाल मनोज सिन्हा श्रद्धालुओं का अभिवादन करते और पहले जत्थे को हरी झंडी दिखाते नजर आए। इस दौरान प्रशासन और सुरक्षा एजेंसियों के वरिष्ठ अधिकारी भी मौके पर मौजूद रहे और यात्रा की व्यवस्थाओं का जायजा लिया।

उपराज्यपाल ने दी अमरनाथ यात्रा की शुभकामनाएं
श्री अमरनाथजी यात्रा 2026 के शुभारंभ पर जम्मू-कश्मीर के उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X के जरिए श्रद्धालुओं को शुभकामनाएं दीं। उन्होंने अपने संदेश में कहा, “हर-हर महादेव! बाबा बर्फानी के पवित्र धाम की यात्रा शुरू हो चुकी है। जम्मू के भगवती नगर बेस कैंप से पहले जत्थे को रवाना कर दिया गया है।”
उन्होंने कहा कि अमरनाथ यात्रा केवल एक धार्मिक यात्रा नहीं, बल्कि आध्यात्मिक चेतना और श्रद्धा का प्रतीक है। इस पवित्र मार्ग पर बढ़ाया गया हर कदम भगवान शिव के प्रति अटूट विश्वास, भक्ति और समर्पण को दर्शाता है। उपराज्यपाल ने सभी श्रद्धालुओं की सुरक्षित, सफल और मंगलमय यात्रा की कामना भी की।

अमरनाथ यात्रा का महत्व
श्री अमरनाथजी यात्रा हिंदू धर्म की सबसे पवित्र और महत्वपूर्ण तीर्थ यात्राओं में से एक मानी जाती है। हर साल देश और दुनिया के विभिन्न हिस्सों से लाखों श्रद्धालु बाबा बर्फानी के दर्शन के लिए जम्मू-कश्मीर स्थित पवित्र अमरनाथ गुफा पहुंचते हैं। यह यात्रा केवल धार्मिक अनुष्ठान नहीं, बल्कि भगवान शिव के प्रति श्रद्धा, भक्ति और अटूट विश्वास का प्रतीक भी है।
अमरनाथ गुफा की सबसे बड़ी विशेषता यहां प्राकृतिक रूप से बनने वाला हिम शिवलिंग है, जिसे श्रद्धालु भगवान शिव का दिव्य स्वरूप मानते हैं। पौराणिक कथाओं के अनुसार, इसी गुफा में भगवान शिव ने माता पार्वती को अमरत्व का रहस्य बताया था, जिसके कारण इस स्थान का धार्मिक महत्व और भी बढ़ जाता है।
दुर्गम पहाड़ी रास्तों, कठिन मौसम और लंबी पैदल यात्रा के बावजूद हर वर्ष श्रद्धालुओं का उत्साह देखते ही बनता है। शिव भक्तों का मानना है कि बाबा बर्फानी की कृपा और बुलावे के बिना इस पवित्र यात्रा पर जाना संभव नहीं है, इसलिए इस यात्रा में शामिल होना अपने आप में एक विशेष सौभाग्य माना जाता है।

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