केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान के इस्तीफे पर समाजवादी पार्टी के सांसद अखिलेश यादव ने कहा, “यह नई पीढ़ी की एक बड़ी जीत है. सरकार को प्राइमरी शिक्षा से लेकर उच्च शिक्षा तक हर चीज़ के बारे में बहुत गंभीरता से सोचना होगा. परीक्षा के पेपर लीक होने से रोकने के लिए ठोस कदम उठाने होंगे. आज के दौर में इंटरनेट और सोशल मीडिया के ज़रिए और सड़कों पर फैला युवाओं का यह आंदोलन आखिरकार दुनिया की सबसे बड़ी पार्टी, भारतीय जनता पार्टी (BJP) को, जिसके अनगिनत सहयोगी हैं, झुकने पर मजबूर कर गया.”
समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने आगे कहा, “यह युवाओं की एक बड़ी जीत है, लेकिन सभी राजनीतिक दलों के लोगों को इससे यह सीखना चाहिए कि भविष्य में परीक्षाओं की व्यवस्था को मज़बूत करना होगा ताकि कोई पेपर लीक न हो और युवाओं के लिए रोजगार और नौकरियों के रास्ते खोलने होंगे.” इतना ही नहीं, अखिलेश यादव अखिलेश यादव ने अभिजीत दीपके की फोटो शेयर कर लिखा, “ये इस्तीफा नहीं, इंकलाब है!”
आदित्य ठाकरे ने रखीं ये तीन मांगें
वहीं, शिवसेना यूबीटी के नेता आदित्य ठाकरे ने कहा, “यह भारत की ताकत है. अब जब इस्तीफा हो चुका है, तो ये चीज़ें होनी चाहिए. युवा भारतीयों पर बेरहम लाठीचार्ज के लिए बीजेपी सरकार माफी मांगे. इस बात की जांच हो कि लाठीचार्ज का आदेश किसने दिया था. सरकार की बर्बरता के ख़िलाफ़ विरोध कर रहे भारतीयों पर दर्ज सभी FIR वापस ली जाएं. यह जरूरी है.”

