पश्चिम बंगाल में समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav और तृणमूल कांग्रेस नेता Mamata Banerjee की हालिया मुलाकात के बाद राजनीतिक बयानबाजी तेज हो गई है। इस मुलाकात पर प्रतिक्रिया देते हुए बिहार सरकार में मंत्री और बीजेपी नेता Dilip Jaiswal ने विपक्ष पर निशाना साधा। उन्होंने कहा कि जिस तरह पश्चिम बंगाल की जनता ने ममता बनर्जी को नकार दिया, उसी तरह आने वाले समय में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को भी जनता सत्ता से बाहर कर देगी।
ममता और अभिषेक से मिले थे अखिलेश
ANI से बातचीत में बिहार सरकार के मंत्री और बीजेपी नेता Dilip Jaiswal ने विपक्षी दलों पर निशाना साधते हुए कहा कि पश्चिम बंगाल में जिस तरह जनता ने Mamata Banerjee के खिलाफ माहौल बनाया, उसी तरह भविष्य में उत्तर प्रदेश में समाजवादी पार्टी को भी कठिन राजनीतिक परिस्थितियों का सामना करना पड़ सकता है। उन्होंने तंज भरे अंदाज में कहा कि शायद इसी वजह से आने वाले राजनीतिक समीकरणों को ध्यान में रखते हुए अभी से दोस्ती मजबूत की जा रही है।
गौरतलब है कि गुरुवार को कोलकाता में समाजवादी पार्टी प्रमुख Akhilesh Yadav ने ममता बनर्जी और तृणमूल कांग्रेस के राष्ट्रीय महासचिव Abhishek Banerjee से मुलाकात की थी। राजनीतिक हलकों में इस बैठक को विपक्षी एकता की दिशा में अहम कदम माना जा रहा है।
‘चुनाव लोकतांत्रिक प्रक्रिया नहीं बल्कि अत्याचार’
गौरतलब है कि यह मुलाकात ऐसे वक्त में हुई, जब ‘West Bengal Assembly Elections 2026’ में मिली हार के बाद भी Mamata Banerjee ने मुख्यमंत्री पद छोड़ने से साफ इनकार कर दिया। पार्टी विधायकों के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि वह इस्तीफा नहीं देंगी और अगर किसी को उन्हें हटाना है तो वह फैसला पार्टी खुद करे। ममता ने इस दिन को लोकतंत्र के लिए “काला दिन” बताते हुए कार्यकर्ताओं और नेताओं से मजबूती के साथ खड़े रहने की अपील की।
चुनाव नतीजों पर सवाल उठाते हुए ममता बनर्जी ने आरोप लगाया कि यह चुनाव पूरी तरह निष्पक्ष और लोकतांत्रिक नहीं था। उनका कहना था कि बीजेपी ने दबाव और डर का माहौल बनाकर चुनाव प्रक्रिया को प्रभावित किया। उन्होंने दावा किया कि बीजेपी को भले ही राजनीतिक बढ़त मिली हो, लेकिन नैतिक रूप से उसे जीत हासिल नहीं हुई है।
‘TMC के 1500 से ज्यादा पार्टी कार्यालयों पर कब्जा’
Mamata Banerjee ने दावा किया कि विधानसभा चुनाव परिणाम घोषित होने के बाद तृणमूल कांग्रेस के 1500 से अधिक पार्टी कार्यालयों पर कब्जा कर लिया गया। उन्होंने आरोप लगाया कि चुनाव के बाद राज्य में राजनीतिक दबाव और हिंसा का माहौल बनाया गया हैं।
वहीं, समाजवादी Party प्रमुख Akhilesh Yadav ने शुक्रवार को कांग्रेस पर निशाना साधते हुए कहा है कि कठिन समय में सहयोगी दलों का साथ छोड़ना उचित राजनीति नहीं माना जा सकता। उनका यह बयान ऐसे समय आया है, जब Vijay की पार्टी Tamilaga Vettri Kazhagam को समर्थन देने के लिए कांग्रेस ने तमिलनाडु में DMK से दूरी बनाने का फैसला किया है।
