बिहार के जमुई जिले से एक ऐसी अनोखी और हैरान कर देने वाली प्रेम कहानी सामने आई है, जिसने सोशल मीडिया से लेकर पूरे इलाके में तहलका मचा दिया है. यहां एक सरकारी स्कूल की बीपीएससी शिक्षिका को अपनी ही ममेरी-फुफेरी बहन से इस कदर प्यार हुआ कि उसने दुनिया की परवाह किए बिना अपनी सहेली का जेंडर ही चेंज करवा दिया. रानी से ‘रमेश’ बने अपने इसी बचपन के प्यार के साथ अब इस शिक्षिका ने मंदिर में हिंदू रीति-रिवाज से शादी रचा ली है, जिसका वीडियो इंटरनेट पर तेजी से वायरल हो रहा है.
बचपन की दोस्ती, पटना में तैयारी फिर गहराया प्यार
ये पूरा मामला जमुई के लक्ष्मीपुर प्रखंड के एक गांव का है. जानकारी के मुताबिक, नीशी और रानी (बदला हुआ नाम) रिश्ते में ममेरी-फुफेरी बहनें हैं और बचपन से ही एक-दूसरे को बेहद करीब से जानती थीं. दोनों का एक-दूसरे के घर आना-जाना था. शुरुआती पढ़ाई के बाद दोनों प्रतियोगी परीक्षाओं की तैयारी के लिए एक साथ पटना चली गईं. पटना में साथ रहने के दौरान दोनों की दोस्ती गहरी मोहब्बत में बदल गई. इसी बीच नीशी ने BPSC की परीक्षा पास कर ली और वह अपने गांव के पास एक स्कूल में सरकारी शिक्षिका बन गई.
नौकरी मिलते ही दिल्ली में कराई सर्जरी
शिक्षिका बनने के बाद काम की व्यस्तता के कारण दोनों का मिलना-जुलना कम हो गया, जिससे दोनों तड़प उठीं. उन्होंने जिंदगी भर एक-दूसरे का साथ निभाने की कसम खाई. नौकरी मिलते ही आर्थिक रूप से मजबूत हुई नीशी ने एक बड़ा फैसला लिया. वह रानी को लेकर दिल्ली गई, जहां डॉक्टरों की एक टीम ने जटिल सर्जरी के जरिए रानी का जेंडर चेंज कर दिया. इस सफल ऑपरेशन के बाद रानी की नई पहचान ‘रमेश’ (बदला हुआ नाम) के रूप में हुई.
पतनेश्वर मंदिर में लिए 7 फेरे
सर्जरी के बाद जब दोनों जमुई लौटे, तो उन्होंने मलयपुर थाना क्षेत्र के प्रसिद्ध पतनेश्वर मंदिर में पूरे रीति-रिवाज से सात फेरे ले लिए. शादी के जोड़े में सजे दोनों बेहद खुश नजर आ रहे हैं. इस अनोखे ब्याह को लेकर रमेश (रानी) के परिवार ने तो नई नवेली दुल्हन का पारंपरिक तरीके से स्वागत किया है, लेकिन चर्चा है कि शिक्षिका नीशी के घरवाले इस कदम से काफी नाराज हैं.
जेंडर चेंज कराना पूरी तरह संभव
इस मामले पर जमुई के मशहूर डॉक्टर एस. एन. झा का कहना है कि मेडिकल साइंस में ऐसा बिल्कुल मुमकिन है. कई बार हार्मोनल बदलावों या कुछ अंगों के अलग तरह से विकसित होने के कारण लोग एक-दूसरे के प्रति आकर्षित होते हैं और सर्जरी के जरिए जेंडर चेंज कराना पूरी तरह संभव है.

