US-Iran युद्ध खत्म होने की बढ़ी उम्मीद? यूरेनियम विदेश भेजने और होर्मुज खोलने को तैयार ईरान, ट्रंप बोले- कोई जल्दबाजी नहीं

अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम होने के संकेत मिल रहे हैं। अल अरबिया इंग्लिश की रिपोर्ट के मुताबिक, दोनों देशों के बीच बातचीत के लिए तैयार शुरुआती मसौदे में ईरान के अत्यधिक समृद्ध यूरेनियम भंडार को किसी तीसरे देश को सौंपने या उसका संवर्धन स्तर घटाने का प्रस्ताव रखा गया है। साथ ही, शुरुआती सहमति बनने के सात दिनों के भीतर होर्मुज जलडमरूमध्य को अंतरराष्ट्रीय जहाजों के लिए फिर से खोलने की बात भी शामिल है।

रिपोर्ट के अनुसार, प्रस्तावित समझौते में चीन को संभावित गारंटर की भूमिका दी जा सकती है और वह वार्ता की मेजबानी भी कर सकता है। इस्तांबुल की जगह दोहा में अमेरिका और ईरान के बीच सीधी बातचीत का प्रस्ताव है। इसके बदले ईरान परमाणु कार्यक्रम और समुद्री सुरक्षा से जुड़े कदम उठाएगा, जबकि अमेरिका प्रतिबंधों में चरणबद्ध राहत देगा। हर चरण से पहले एक स्वतंत्र सत्यापन तंत्र के जरिए दोनों पक्षों की प्रतिबद्धताओं की जांच भी की जाएगी।

कतर ने कूटनीतिक कोशिशें तेज़ कीं
अमेरिका और ईरान के बीच युद्धविराम बहाल करने की कूटनीतिक कोशिशें तेज हो गई हैं। ईरान की सरकारी समाचार एजेंसी IRNA के मुताबिक, शुक्रवार को कतर का एक प्रतिनिधिमंडल तेहरान पहुंचा। इस दल का नेतृत्व कतर के प्रधानमंत्री और विदेश मंत्री के वरिष्ठ सलाहकार ने किया। बताया जा रहा है कि प्रतिनिधिमंडल अमेरिका के साथ मिलकर दोनों देशों के बीच बातचीत का रास्ता तलाश रहा है।
वहीं, रिपोर्ट्स के अनुसार, कतर के अधिकारियों ने अमेरिकी उपराष्ट्रपति जे.डी. वेंस का एक पत्र ईरानी सुरक्षा अधिकारी मोहसेन रेजाई को सौंपा है। इस पत्र में अमेरिकी सैन्य हमलों को रोकने के लिए नए कूटनीतिक रास्ते का प्रस्ताव दिया गया है, जिसका तेहरान ने स्वागत किया है।

ट्रंप ने कहा-हमें कोई जल्दी नहीं
अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने कहा है कि अमेरिका को ईरान के साथ जारी संघर्ष खत्म करने की कोई जल्दबाजी नहीं है। ओवल ऑफिस में पत्रकारों से बातचीत के दौरान उन्होंने कहा कि ईरान बातचीत करना चाहता है, लेकिन वह गंभीर आर्थिक संकट से गुजर रहा है। ट्रंप के मुताबिक, ईरान के पास अपने सैनिकों और पुलिसकर्मियों को वेतन देने तक के पैसे नहीं हैं। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच बातचीत जारी है और अमेरिका के पास पर्याप्त समय है। ट्रंप ने इस सैन्य अभियान के खर्च को भी कम बताते हुए दावा किया कि अन्य जगहों से हुए आर्थिक फायदों ने इसकी भरपाई कर दी है।

तुर्की ने भी ट्रंप से बातचीत की
अमेरिका और ईरान के बीच तनाव कम करने की कोशिशों के तहत तुर्की भी कूटनीतिक स्तर पर सक्रिय है। तुर्की की सरकारी समाचार एजेंसी अनादोलु के मुताबिक, शुक्रवार को G20 मंत्रिस्तरीय बैठक के दौरान तुर्की के विदेश मंत्री हाकान फिदान ने अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रुबियो से मुलाकात की। इस दौरान दोनों नेताओं ने अमेरिका-ईरान वार्ता, क्षेत्रीय हालात और द्विपक्षीय संबंधों पर चर्चा की। यह बैठक ट्रंप और तुर्की के राष्ट्रपति रजब तैयब एर्दोआन के बीच हुई फोन वार्ता के बाद हुई, जिसमें समुद्री मार्गों की सुरक्षा और क्षेत्रीय तनाव कम करने के उपायों पर बात हुई थी।

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