उत्तर प्रदेश सरकार पूर्वांचल के 28 जिलों में विकास और आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने के लिए UP-EDGE प्रोजेक्ट शुरू करने की तैयारी में है। वर्ल्ड बैंक के सहयोग से शुरू होने वाली इस परियोजना का मकसद स्थानीय संसाधनों को निवेश, रोजगार, उद्यमिता और निर्यात के अवसरों में बदलना है। राज्य सरकार के मुताबिक, इस प्रोजेक्ट से पूर्वांचल में कारोबार और रोजगार को बढ़ावा मिलने के साथ स्थानीय प्रशासन की क्षमता भी मजबूत होगी।
योगी आदित्यनाथ ने वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों के साथ की बैठक
राज्य सरकार के मुताबिक, मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ और वर्ल्ड बैंक के अधिकारियों के बीच मंगलवार को हुई बैठक में UP-EDGE परियोजना के प्रस्तावित कार्यों पर चर्चा हुई। बैठक में प्रारंभिक परियोजना रिपोर्ट (PPR) भारत सरकार को भेजने समेत कई मुद्दों पर बात हुई। बताया गया कि यह परियोजना पूर्वांचल के 28 जिलों में आर्थिक विकास और रोजगार के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से तैयार की गई है।
बुंदेलखंड के 7 जिलों को भी परियोजना में शामिल करने का प्रस्ताव
बयान के अनुसार, बुंदेलखंड के 7 जिलों को भी UP-EDGE परियोजना में शामिल करने का प्रस्ताव है। करीब 2,500 करोड़ रुपये की लागत वाली इस परियोजना की अवधि 5 साल होगी। पूर्वांचल में यूपी की लगभग 40 प्रतिशत आबादी रहती है, लेकिन क्षेत्र का राज्य GDP में योगदान करीब 27.6 प्रतिशत है। यहां प्रति व्यक्ति आय राज्य के औसत से करीब 45 प्रतिशत कम है और लगभग 80 प्रतिशत कार्यबल कृषि से जुड़ा है। ऐसे में परियोजना के जरिए जिलों की स्थानीय जरूरतों और संभावनाओं के आधार पर आर्थिक गतिविधियों को बढ़ावा देने की योजना है।
पूर्वांचल में विकास की अपार संभावनाएं
मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने कहा कि पूर्वांचल में विकास की बड़ी संभावनाएं हैं और स्थानीय जरूरतों व संसाधनों के आधार पर जिलेवार निवेश की योजनाएं तैयार की जानी चाहिए। इससे रोजगार और आय के नए अवसर पैदा होंगे। उन्होंने कृषि के साथ विनिर्माण और सेवा क्षेत्र को बढ़ावा देने पर जोर दिया। साथ ही, स्थानीय उत्पादों की बेहतर डिजाइन और पैकेजिंग के जरिए उन्हें वैश्विक बाजार से जोड़कर निर्यात बढ़ाने की बात कही।
शैक्षणिक केंद्रों में कौशल विकास और प्रशिक्षण को भी दिया जाएगा बढ़ावा
सीएम योगी ने ODOP और अन्य स्थानीय उत्पादों को नए बाजारों से जोड़ने पर जोर दिया। परियोजना के तहत करीब 1 लाख नए उद्यम विकसित करने और महिला उद्यमियों की भागीदारी बढ़ाने का प्रस्ताव है। इसके अलावा पर्यटन, शिक्षा, स्वास्थ्य, ई-कॉमर्स, डेटा सेंटर और डिजिटल सेवाओं में भी नए अवसर तैयार किए जाएंगे। वाराणसी, गोरखपुर और प्रयागराज में कौशल विकास के साथ मेडिसिटी और स्वास्थ्य पर्यटन को भी बढ़ावा देने की योजना है।

