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ट्विशा शर्मा की मौत का मामला: कोर्ट ने सीबीआई को दी पति समर्थ और गिरिबाला सिंह की पांच दिन की रिमांड

मध्य प्रदेश की राजधानी भोपाल में ट्विशा शर्मा मर्डर केस में बड़ा अपडेट सामने आया है। भोपाल की एक कोर्ट ने CBI को ट्विशा के पति समर्थ और उसकी साल गिरिबाला की 5 दिन की रिमांड दे दी है। आपको बता दें कि गुरुवार को सीबीआई ने 6 घंटे तक चली पूछताछ के बाद गिरिबाला सिंह को गिरफ्तार कर लिया था। वहीं, ट्विशा का पति समर्थ 29 तारीख तक 7 दिन की रिमांड पर था। अब CBI को समर्थ की 5 दिन की एक्सटेंडेड रिमांड मिल गई है। अब गिरिबाला सिंह और मुख्य आरोपी समर्थ 2 जून तक सीबीआई की रिमांड पर रहेंगे।

दोनों को अलग गाड़ियों से कोर्ट लाया गया
इससे पहले शुक्रवार को सीबीआई समर्थ और गिरिबाला सिंह को भोपाल जिला कोर्ट लेकर पहुंची थी। सीबीआई उन्हें न्यायिक मजिस्ट्रेट प्रथम श्रेणी शोभना भलावे की कोर्ट में लेकर पहुंची थी। समर्थ और गिरिबाला सिंह को अलग-अलग गाड़ियों से कोर्ट लाया गया था। कोर्ट में दोनों को एक ही कटघरे में खड़ा किया गया।

अंतिम घंटों को वर्चुअली रीक्रिएट करेगी CBI
सामने आई जानकारी के अनुसार, सीबीआई के जांचकर्ता कटारा हिल्स स्थित आवास के भीतर ट्विशा शर्मा के अंतिम घंटों को वर्चुअली रीक्रिएट करने के लिए एक उन्नत टनल व्यू जांच दृष्टिकोण का उपयोग कर रहे हैं। CBI एक अत्यधिक केंद्रित मिनट-दर-मिनट टाइमलाइन तैयार कर रही है, जो ट्विशा की मृत्यु से पहले उनसे जुड़ी हर गतिविधि, बातचीत और डिजिटल एक्टिविटी को स्पष्ट करेगी।

घर का वर्चुअल खाका तैयार हो रहा
सूत्रों के अनुसार, जांचकर्ता सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन डेटा, वाई-फाई लॉग, कॉल डिटेल रिकॉर्ड और कमरों की फॉरेंसिक मैपिंग को मिलाकर घर का एक वर्चुअल खाका तैयार कर रहे हैं। इस डिजिटल रीकंस्ट्रक्शन के माध्यम से, सीबीआई ट्विशा की आखिरी ज्ञात गतिविधियों को विजुअली ट्रेस करने, विशिष्ट क्षेत्रों में किसने प्रवेश किया या कौन बाहर निकला इसकी पहचान करने और घटना तक ले जाने वाले घटनाक्रम को स्थापित करने का प्रयास करेगी।

सूत्रों के मुताबिक, यह टनल व्यू विश्लेषण जांचकर्ताओं को महत्वपूर्ण समय के अंतराल, संदिग्ध गतिविधियों और बयानों में संभावित विसंगतियों पर बारीकी से ध्यान केंद्रित ज़ूम इन करने का तरीका देगा। सूत्रों के मुताबिक इससे घंटों का एक सिम्युलेटेड वॉकथ्रू तैयार करने के लिए कैमरों, फोन गतिविधि और इंटरनेट उपयोग के टाइमस्टैम्प समय को सिंक्रोनाइज किया जाएगा।

क्या है इस जांच का मकसद?
जांचकर्ता इस बात की भी जांच कर सकते हैं कि क्या घटना के बाद किसी डिजिटल साक्ष्य में बदलाव किया गया, उसे डिलीट किया गया या छुपाया गया। इस वर्चुअल वातावरण को बनाकर, सीबीआई का उद्देश्य ट्विशा के अंतिम पलों का एक स्पष्ट रीकंस्ट्रक्शन स्थापित करना है और यह निर्धारित करना है कि क्या वहां जबरदस्ती, किसी साजिश या उसकी मृत्यु के बाद घटनास्थल से छेड़छाड़ करने का कोई प्रयास किया गया था।

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