अमेरिका और ईरान के बीच बढ़ते सैन्य तनाव का असर अब समुद्री व्यापार और भारतीय जहाजों पर भी साफ दिखाई देने लगा है। पश्चिम एशिया के बेहद अहम समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के पश्चिमी हिस्से में भारतीय ध्वज वाले सात जहाज फंसे हुए हैं। इन जहाजों पर करीब 148 भारतीय नाविक सवार हैं। मंगलवार को एक वरिष्ठ सरकारी अधिकारी ने बताया कि जब तक क्षेत्र में तनाव कम नहीं होता, तब तक इन जहाजों का फारस की खाड़ी से सुरक्षित बाहर निकल पाना मुश्किल है।
तनाव के बीच खाड़ी में ही रहेंगे भारतीय जहाज
एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि भारतीय ध्वज वाले पांच जहाज फिलहाल इस क्षेत्र में सामान्य वाणिज्यिक संचालन में लगे हुए हैं। वहीं, फारस की खाड़ी में कुल सात भारतीय जहाज मौजूद हैं, जिन पर करीब 148 भारतीय नाविक सवार हैं। अधिकारी के अनुसार, क्षेत्र में बनी गंभीर सुरक्षा स्थिति को देखते हुए इन जहाजों को फिलहाल बाहर निकालने की कोई योजना नहीं है। हालात सामान्य होने और तनाव कम होने के बाद ही इनके सुरक्षित प्रस्थान पर फैसला लिया जाएगा।
व्यापारिक जहाजों पर भीषण हमले
हाल के दिनों में अंतरराष्ट्रीय व्यापारिक जहाजों पर लगातार हुए हमलों के बाद क्षेत्र की सुरक्षा स्थिति और अधिक गंभीर हो गई है। 14 जुलाई की सुबह एमटी अल बह्याह (MT Al Bahyah) और एमटी मोम्बासा बी (MT Mombasa B) नामक दो व्यापारिक जहाज भी हमलों का शिकार बने। अधिकारियों के अनुसार, एमटी अल बह्याह पर तैनात चालक दल के एक भारतीय सदस्य की इस हमले में जान चली गई, जिससे भारतीय नाविकों की सुरक्षा को लेकर चिंता और बढ़ गई है।
एक भारतीय चालक दल सदस्य लापता
इस घटना से दो दिन पहले साइप्रस के ध्वज वाले कंटेनर जहाज ‘जीएफएस गैलेक्सी’ (GFS Galaxy) पर ईरान की ओर से हमला किया गया था। हमले के बाद से जहाज पर तैनात चालक दल का एक भारतीय सदस्य लापता है। अधिकारियों के अनुसार, उसकी तलाश लगातार जारी है और अब तक उसका कोई सुराग नहीं मिल पाया है।

