Bhopal Case

Twisha Death Case: 72 घंटे में 72 सवाल, CBI ने पति समर्थ और सास गिरिबाला से क्या-क्या पूछा?

Twisha Death Case: ट्विशा मामले की जांच कर रही CBI ने समर्थ सिंह और उनकी मां गिरिबाला सिंह से लंबी पूछताछ की. दोनों को 5 दिन की रिमांड पर लिया गया था, लेकिन कागजी प्रक्रिया और घटनास्थल के री-क्रिएशन में लगे समय को अलग कर दिया जाए तो करीब 72 घंटे तक सवाल-जवाब का दौर चला. इस दौरान CBI ने दोनों से कुल 72 अहम सवाल पूछे.

पूछताछ में CBI ने समर्थ और ट्विशा की पहली मुलाकात से लेकर शादी, पारिवारिक संबंध, आर्थिक लेन-देन, गर्भावस्था, गर्भपात, मानसिक स्वास्थ्य, घटना वाले दिन की गतिविधियों, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल डेटा और मौत से जुड़ी परिस्थितियों तक कई मुद्दों पर सवाल किए.

ट्विशा से पहली मुलाकात कब और कैसे हुई?

CBI ने दोनों से पूछा कि ट्विशा से पहली मुलाकात कब और कैसे हुई थी, डेटिंग ऐप पर पहचान कैसे बनी, दोनों कब तक रिश्ते में रहे और शादी का फैसला कैसे लिया गया. एजेंसी ने यह भी जानना चाहा कि क्या शादी से पहले दोनों के बीच शारीरिक संबंध थे और क्या अंतरजातीय विवाह को लेकर किसी परिवार ने आपत्ति जताई थी. शादी में हुए खर्च, दहेज की मांग और शादी में शामिल प्रभावशाली लोगों के बारे में भी सवाल किए गए. जांच एजेंसी ने शादी के बाद पति-पत्नी के रिश्ते, विवादों, आर्थिक लेन-देन और गर्भावस्था से जुड़े मुद्दों पर भी विस्तार से पूछताछ की. CBI ने 7 लाख रुपये की आर्थिक मदद, गर्भपात, मानसिक स्वास्थ्य, कथित ड्रग्स सेवन और शेयर ट्रांसफर जैसे मामलों पर भी जवाब मांगे.

12 मई की घटना पर CBI ने पूछे ज्यादा सवाल

CBI ने 12 मई की घटना को लेकर सबसे अधिक सवाल किए. एजेंसी ने पूछा कि उस दिन सुबह से रात तक क्या हुआ? ट्विशा आखिरी बार कब और किससे बात कर रही थी? घटना की जानकारी सबसे पहले किसे मिली, शव को फंदे से किसने उतारा और पुलिस को सूचना देने में देरी क्यों हुई. अस्पताल ले जाने, सीसीटीवी फुटेज, मोबाइल फोन और डिजिटल उपकरणों की स्थिति को लेकर भी कई सवाल पूछे गए. CBI ने समर्थ सिंह से यह भी पूछा कि घटना के बाद वह फरार क्यों हुए, अग्रिम जमानत क्यों ली और पत्नी के अंतिम संस्कार में शामिल होने के लिए अदालत का सहारा क्यों नहीं लिया. इसके अलावा पोस्टमार्टम रिपोर्ट में दर्ज चोटों, परिवार के बयानों, आर्थिक विवादों और आत्महत्या की परिस्थितियों पर भी सवाल किए गए.

शादी से पहले ट्विशा से मिल चुकी थीं गिरिबाला

पूछताछ के दौरान जब ट्विशा के शरीर पर मिले चोट के निशानों के बारे में गिरिबाला सिंह से सवाल किया गया तो उन्होंने इस पर कोई जवाब नहीं दिया. CBI को दिए गए जवाब में गिरिबाला सिंह ने कहा कि वह शादी से पहले ही ट्विशा से मिल चुकी थीं. उनके अनुसार समर्थ ने उन्हें बताया था कि वह ट्विशा से शादी करना चाहता है. गिरिबाला सिंह ने कहा कि ट्विशा ब्राह्मण परिवार से थी और उनके परिवार ने कभी जातिगत भेदभाव नहीं किया. उन्होंने कहा कि परिवार इस रिश्ते से खुश था.

ट्विशा का व्यवहार सामान्य था- गिरिबाला सिंह

गिरिबाला सिंह के मुताबिक शादी के शुरुआती दिनों में ट्विशा का व्यवहार सामान्य था, लेकिन बाद में उसमें बदलाव आने लगा. उन्होंने कहा कि ट्विशा को पौधे और बच्चे पसंद थे, लेकिन वह पौधों की देखभाल नहीं करती थी और मां नहीं बनना चाहती थी. उन्होंने यह भी बताया कि शादी के 5 महीनों के दौरान ट्विशा 5 बार अपने मायके गई थी. जब उनसे पूछा गया कि अगर समर्थ निर्दोष थे तो वह फरार क्यों रहे और अग्रिम जमानत क्यों ली तो गिरिबाला सिंह ने इसे गलती बताया. आर्थिक मदद के सवाल पर उन्होंने कहा कि परिवार ने जरूरत पड़ने पर हमेशा ट्विशा की सहायता की. उनके अनुसार शादी के बाद और नौकरी छूटने के दौरान भी उसे नियमित रूप से पैसे दिए गए और 5 महीनों में करीब 7 लाख रुपये की मदद की गई.

ड्रग्स से जुड़े सवालों पर गिरिबाला सिंह ने क्या दिया जवाब?

मानसिक स्वास्थ्य और ड्रग्स से जुड़े सवालों पर गिरिबाला सिंह ने दावा किया कि ट्विशा का इलाज डॉक्टरों से कराया गया था और उससे जुड़े दस्तावेज मौजूद हैं. उन्होंने कहा कि ट्विशा एंजायटी, पर्सनैलिटी डिसऑर्डर और एडजस्टमेंट से जुड़ी समस्याओं का सामना कर रही थी. समर्थ सिंह ने पूछताछ में बताया कि शादी के बाद शुरुआती समय में दोनों का जीवन सामान्य था. दोनों साथ में मॉर्निंग वॉक पर जाते थे, जिम जाते थे और समय बिताते थे. समर्थ के अनुसार गर्भावस्था के बाद ट्विशा के व्यवहार में बदलाव आने लगा. उन्होंने कहा कि कभी वह बच्चा रखना चाहती थी और कभी नहीं. समर्थ का कहना है कि गर्भपात की दवा लेने के बाद उसके व्यवहार में और बदलाव आया, जिसके बाद डॉक्टरों और मनोचिकित्सकों से सलाह ली गई.

घटना वाले दिन पार्लर गई थी ट्विशा

12 मई की घटना के बारे में समर्थ ने बताया कि उस दिन ट्विशा पार्लर गई थी. लौटने के बाद दोनों ने करीब 45 मिनट तक वॉक की, फिर साथ में खाना खाया और टीवी देखा. इसके बाद ट्विशा की मां का फोन आया और उन्होंने बताया कि ट्विशा रो रही है. समर्थ ने कहा कि उन्हें समझ नहीं आया कि इसके बाद अचानक ऐसा क्या हुआ कि उसने इतना बड़ा कदम उठा लिया. समर्थ के अनुसार जब उन्होंने ट्विशा को फंदे से लटका देखा तो उन्हें यह नहीं लगा कि उसकी मौत हो चुकी है. उन्होंने और उनकी मां ने उसे बचाने की कोशिश की. समर्थ ने उसके पैर पकड़े जबकि गिरिबाला सिंह ने गले से बेल्ट हटाई. इसके बाद सीपीआर दिया गया और उसे तुरंत अस्पताल ले जाया गया, जहां डॉक्टरों ने उसे मृत घोषित कर दिया. समर्थ का दावा है कि इन घटनाओं से जुड़े सीसीटीवी फुटेज भी मौजूद हैं.

निजी परेशानियों से गुजर रहे थे समर्थ

अलग-अलग कमरों में सोने के सवाल पर समर्थ ने कहा कि वह खुद भी कुछ निजी परेशानियों से गुजर रहे थे और ट्विशा लगातार बच्चे को लेकर चर्चा करती थी. इससे वह मानसिक रूप से तनाव में थे. हालांकि उन्होंने कहा कि इसके बावजूद वह ट्विशा से बहुत प्यार करते थे.

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