पूर्व मंत्री योगेंद्र साव की विशेष अवकाश याचिका को सर्वोच्च न्यायलय ने बुधवार को खारिज कर दिया। इतना ही नहीं जमानत के अनुरोध पर विचार भी नहीं किया गया। जस्टिस यूयू ललित और जस्टिस इंदू मल्होत्रा की बेंच ने विशेष अवकाश याचिका को सुनवाई के योग्य भी नहीं समझा और याचिका खारिज कर दी। 2015 में व्यवसायी रूंगटा से पांच लाख रुपये रंगदारी मांगने के मामले में निचली अदालत ने ढाई साल की सजा सुनाई थी। इससे राहत पाने के लिए साव हाइकोर्ट गये थे, लेकिन कोर्ट ने सजा बरकरार रखी। इस मामले में जमानत के लिए साव सुप्रीम कोर्ट गये थे, वहां भी राहत नहीं मिली।
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