प्रशांत महासागर में उमड़े सुपर टाइफून ने अमेरिका के दो दूरस्थ द्वीपों पर भयंकर तबाही मचाई है। तेज हवाओं और लगातार बारिश के चलते इलाकों में भारी नुकसान हुआ है। तेज टाइफून के चलते टिन की छतें उड़ गईं और निवासियों को हवा में उड़ते पेड़ों की डालियों से बचने के लिए सुरक्षित ठिकानों पर आश्रय लेना पड़ा। सुपर टाइफून सिनलाकु ने बुधवार को सुबह होने से पहले कई घंटों तक उत्तरी मारियाना द्वीप समूह पर हमला किया। यह धीमा होकर भी टिनियन और सैपान द्वीपों पर ज्यादा नुकसान पहुंचाता रहा। इन द्वीपों पर लगभग 50,000 लोग रहते हैं।
कमजोर घरों और पेड़ों को उड़ा ले गया सुपर टाइफून
सैपान में पले-बढ़े ग्लेन हंटर ने कहा, “मेरा अनुमान है कि जो भी लकड़ी और टिन से बना था, वह इस तूफान में नहीं बच पाया।” उन्होंने अपनी आंखों के सामने कम से कम तीन टिन की छतें अपने आंगन से उड़कर जाते देखीं। कई टाइफून झेल चुके हंटर ने एसोसिएटेड प्रेस को बताया कि यह अब तक का सबसे शक्तिशाली टाइफून लग रहा था। उन्होंने कहा कि बारिश उनके कंक्रीट के घर की हर दरार से अंदर घुस रही थी। यह हार का खेल हो गया था क्योंकि बारिश हर तरफ से आ रही थी। हर घर पानी से भर गया है।
इस साल धरती का सबसे शक्तिशाली टाइफून
राष्ट्रीय मौसम सेवा के अनुसार यह इस साल पृथ्वी पर सबसे शक्तिशाली यह उष्णकटिबंधीय टाइफून था, जो द्वीपों पर टकराते समय 150 मील प्रति घंटा (240 किलोमीटर प्रति घंटा) तक की निरंतर हवाएं लेकर आया था। मौसम सेवा ने बताया कि ट्रॉपिकल फोर्स हवाओं और भारी बारिश के कारण दक्षिण में स्थित अमेरिकी क्षेत्र गुआम में भी अचानक बाढ़ आ गई। गुआम पर अमेरिकी सैन्य ठिकाने हैं और वहां लगभग 1,70,000 लोग रहते हैं। बुधवार तड़के मारियाना द्वीपों पर हवा की रफ्तार कुछ कम हुई, लेकिन हालात तुरंत नहीं सुधरे। सैपान के मेयर रामोन “आरबी” जोस ब्लास कामाचो ने मंगलवार देर रात कहा, “यह हम पर बहुत जोरदार हमला कर रहा है। इस भारी बारिश और तेज हवाओं में लोगों को बचाना हमारे लिए बेहद मुश्किल है। चारों तरफ चीजें उड़ रही हैं।” उन्होंने बताया कि पेड़ उखड़ गए और लकड़ी व टिन की संरचनाएं ढह गईं। वे अपने ऑफिस के शीशे के दरवाजे को चिंता से देख रहे थे।
मौसम वैज्ञानिक ने दी बड़ी चेतावनी
मौसम वैज्ञानिक लैंडन एडलेट ने कहा, “टिनियन और सैपान के किसी भी व्यक्ति के लिए यह आसान रात नहीं होने वाली। यह बहुत शोर भरी रात होगी।” फेसबुक पर लाइव प्रसारण में उन्होंने कहा कि कई लोग “सुबह उठकर एक अलग द्वीप देखेंगे।”सैपान उत्तरी मारियाना द्वीप समूह का सबसे बड़ा द्वीप और उसकी राजधानी भी है। यह रिसॉर्ट्स, स्नॉर्कलिंग और गोल्फ के लिए प्रसिद्ध है। तूफान का सबसे बुरा असर रात के अंधेरे में पड़ा और बुधवार सुबह तक कई घंटों तक जारी रहने की उम्मीद थी। अगले कुछ दिनों में यह थोड़ा कमजोर होने की उम्मीद है, लेकिन सिनलाकु द्वीपों को पार करते समय कैटेगरी 4 टाइफून के रूप में था।
2023 में भी आया था मारियाना द्वीप और गुआम में टाइफून
2023 में टाइफून मावर ने मारियाना द्वीप और गुआम में कई दिनों तक बिजली गुल कर दी थी, अमेरिकी सैन्य अधिकारियों ने कर्मचारियों को अपने स्थान पर शरण लेने की चेतावनी दी है। गुआम पर अमेरिकी सेना लगभग एक-तिहाई जमीन नियंत्रित करती है और यह प्रशांत क्षेत्र में अमेरिकी बलों का महत्वपूर्ण केंद्र है। गुआम स्थित मौसम सेवा स्टेशन से एडलेट ने बताया कि टाइफून उत्तरी मारियानास की ओर मुड़ने से पहले माइक्रोनीशिया के संघीय राज्य के चूक द्वीप समूह के बाहरी द्वीपों और एटॉल्स को काफी नुकसान पहुंचा चुका था। स्थानीय लोग इस क्षेत्र को “टाइफून एली” कहते हैं। पर्यटन पर निर्भर सैपान द्वितीय विश्व युद्ध के प्रशांत क्षेत्र के सबसे खूनी युद्धों में से एक का स्थल भी है। 2018 के सुपर टाइफून युतु से अभी उबर ही रहा था कि कोरोना महामारी आ गई। हंटर ने बताया कि अर्थव्यवस्था अभी तक पूरी तरह नहीं संभली है।
ट्रंप ने दोनों द्वीपों के लिए की थी आपातकाल की घोषणा
राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने इस तूफान से पहले गुआम और मारियाना द्वीपों के लिए आपातकालीन आपदा घोषणा को मंजूरी दे दी थी। फेडरल इमरजेंसी मैनेजमेंट एजेंसी (FEMA) ने बताया कि वह कई एजेंसियों के साथ समन्वय कर सहायता दे रही है और लगभग 100 FEMA स्टाफ तथा अन्य कर्मियों को भेजा जा रहा है। सुपर टाइफून अटलांटिक के कैटेगरी 4 या 5 के हरिकेन के बराबर होते हैं, जिनकी हवाएं कम से कम 150 मील प्रति घंटा (240 किलोमीटर प्रति घंटा) होती हैं। गुआम स्थित जॉइंट टाइफून वार्निंग सेंटर के अनुसार पिछले 80 वर्षों में 300 से अधिक सुपर टाइफून दर्ज किए जा चुके हैं।

