Iran US War: अमेरिका ने ईरान के साथ शांति वार्ता के प्रयासों के बीच चल रहे तनावों के दौरान चीन को बड़ी धमकी दी है। अमेरिका के ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने कहा है कि चीन को ईरान से अब एक बूंद भी तेल नहीं ले जाने दिया जाएगा। बेसेंट ने कहा कि ईरान से चीन जाने वाले तेल के रास्ते को प्रभावी रूप से काट दिया जाएगा।
तेहरान से बीजिंग नहीं जा पाएंगे एक भी जहाज
अमेरिका ने धमकी देते हुए कहा कि अब ईरान से एक भी तेल और गैस के जहाज बीजिंग नहीं जा पाएंगे। अमेरिका ने यह धमकी ईरानी बंदरगाहों की नाकाबंदी करने के बाद दी है। हालांकि विभिन्न मीडिया रिपोर्ट में दावा किया गया है कि अमेरिका की इस धमकी के बाद भी ईरानी बंदरगाहों से 3 जहाज सुरक्षित रूप से होर्मुज पार कर गए हैं। जबकि अमेरिका दावा कर रहा है कि अब एक भी जहाज अब बाहर नहीं निकल पाएंगे… चीन अब ईरान से एक बूंद तेल नहीं ले पाएगा।
अमेरिका ने दी होर्मुज से एक भी चीनी टैंकर नहीं गुजरने देने की धमकी
अमेरिकी ट्रेजरी सचिव स्कॉट बेसेंट ने आईएमएफ-विश्व बैंक की बैठक के इतर संवाददाताओं से कहा कि होर्मुज जलडमरूमध्य से चीनी टैंकरों को अब आगे नहीं जाने दिया जाएगा। उन्होंने साफ चेतावनी देते हुए कहा, “वे जहाज अब बाहर नहीं निकल पाएंगे… वे अपना तेल नहीं ले पाएंगे।” बेसेंट के अनुसार चीन अब ईरान से तेल खरीदने की अपनी पुरानी व्यवस्था जारी नहीं रख पाएगा। अमेरिका की सख्त नीति के तहत चीनी जहाजों को ईरानी तेल लोड करके होर्मुज जलडमरूमध्य से गुजरने की अनुमति नहीं दी जाएगी। उन्होंने कहा कि चीन अन्य स्रोतों से तेल खरीद सकता है, लेकिन ईरानी तेल अब उसके लिए मुश्किल हो जाएगा।
अमेरिका क्यों नहीं ले जाने दे रहा चीन को ईरानी तेल
अमेरिका चीन को ईरान का प्रमुख सहयोगी मानता है। हाल ही में डोनाल्ड ट्रंप ने चीन पर ईरान को नया एयर डिफेंस मिसाइल सिस्टम भेजने का आरोप लगाया था। अमेरिका को पता है कि ईरान अगर अपना तेल बेचता रहेगा तो उसकी अर्थव्यवस्था चलती रहेगी और चीन भी मौज करता रहेगा। इसलिए अमेरिका ने ईरान और उसके सहयोगियों पर दबाव बढ़ाने के लिए यह कदम उठाया है। बेसेंट ने जोर देकर कहा कि अमेरिका इस रणनीति के माध्यम से ईरान की आय के प्रमुख स्रोत को रोकना चाहता है, जिससे ईरान की अर्थव्यवस्था पर असर पड़े और क्षेत्रीय सुरक्षा सुनिश्चित हो सके।

