रूस ने सोमवार को यूक्रेन की राजधानी कीव और आसपास के इलाकों पर भीषण हवाई हमला किया। यूक्रेन के अधिकारियों के मुताबिक, रूस ने 90 मिसाइलें और 600 ड्रोन दागे, जिसमें चार लोगों की मौत और करीब 100 लोग घायल हो गए। इस हमले में रूस ने अपनी घातक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेश्निक’ का भी इस्तेमाल किया। हमले में कई आवासीय इमारतें, स्कूल और ऐतिहासिक भवन तबाह हो गए। यूक्रेन के राष्ट्रपति जेलेंस्की ने अमेरिका और यूरोपीय देशों से रूस के खिलाफ तत्काल सख्त कार्रवाई की मांग की है। आइए जानते हैं कि रूस की ये हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेश्निक’ कितनी खतरनाक है।
Russia Ukraine War: रूस-यूक्रेन युद्ध की आग एक बार एक बार फिर धधक उठी है। पिछले चार साल से जारी इस युद्ध के अंत का कोई आसार नहीं दिख रहा है। वहीं, रविवार को रूस ने यूक्रेन की राजधानी कीव और उसके आसपास के क्षेत्रों पर 90 मिसाइलों और 600 ड्रोन के साथ अब तक का सबसे भीषण हमला किया है। इस हमले में 4 लोगों की मौत हो गई।
रूस के रक्षा मंत्रालय और यूक्रेनी राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने पुष्टि की है कि रूस ने यूक्रेन पर अब तक का सबसे भीषण हवाई हमला करते हुए अपनी सबसे घातक हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेश्निकी’ (Oreshnik) दागी है।
यूक्रेनी अधिकारियों के अनुसार, इस हमले में राजधानी के केंद्र में स्थित दर्जनों आवासीय इमारतें, ऐतिहासिक भवन और कई स्कूल पूरी तरह क्षतिग्रस्त हो गए हैं, जबकि करीब 100 लोग घायल हुए हैं।
रूस के खिलाफ तत्काल फैसले ले अमेरिकाः जेलेंस्की
इस हमले के बाद यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने सोशल मीडिया मैसेजिंग ऐप टेलीग्राम के जरिए अमेरिका और यूरोप समेत सभी सहयोगी देशों से रूस के खिलाफ तत्काल कड़े फैसले लेने का अपील की। फरवरी 2022 में रूस के यूक्रेन पर हमले के बाद से ये तीसरा मौका है, जब रूसी सेना ने यूक्रेन के खिलाफ कई हजार किलोमीटर की मारक क्षमता वाली ओरेशनिक मिसाइल का इस्तेमाल किया है।
इस एयरस्ट्राइक की जानकारी देते हुए राष्ट्रपति जेलेंस्की ने बताया कि पिछली दो मिसाइलों ने बड़े शहरों को निशाना बनाया था, लेकिन इस बार यह मिसाइल कीव के बाहरी इलाके से लगभग 64 किलोमीटर दूर स्थित 2 लाख की आबादी वाले शहर बिला त्सेा पर दागी गई।
हर तरफ हो रही ‘ओरेश्निकी’ की चर्चा
इस हमले के बाद रूस के हाइपरसोनिक बैलिस्टिक मिसाइल ‘ओरेश्निकी’ की दुनियाभर में चर्चा हो रही है। आइए जानते हैं कि ये मिसाइल कितना खतरनाक है। ओरेशनिक मिसाइल की सबसे बड़ी खासियत यह है कि यह एक साथ कई अलग-अलग टारगेट पर एक ही समय में सटीक हमला करने वाले मल्टीपल वॉरहेड ले जा सकती है।
रूस की ‘ओरेश्निट’ का शाब्दिक अर्थ ‘हेजलनट का पेड़’ है। यह मिसाइल पारंपरिक और परमाणु दोनों तरह के हथियारों को ले जाने में सक्षम एक इंटरमीडिएट-रेंज बैलिस्टिक मिसाइल (IRBM) है।
ध्वनि से 10 गुना तेज रफ्तार (Mach 10)
राष्ट्रपति पुतिन के मुताबिक, यह मिसाइल मैक 10 यानी ध्वनि की गति से 10 गुना तेजी से (लगभग 12,000 किलोमीटर प्रति घंटा) उड़ती है। इस गति के कारण दुश्मन देश को संभलने या एयर रेड सायरन बजाने तक का वक्त नहीं मिलता। माना जाता है कि ओरेश्निक मिसाइल मैक 10 से अधिक, यानी लगभग 12,000 किमी/घंटा की रफ्तार से यात्रा करती है।
इस मिसाइल को मध्यम दूरी की बैलिस्टिक मिसाइल (आईआरबीएम) के रूप में क्लासिफाई किया गया है, जिसकी अनुमानित मारक क्षमता 3,500 से 5,000 किलोमीटर है, जो इसे यूरोप के अधिकांश हिस्सों में लक्ष्यों पर हमला करने की क्षमता प्रदान करती है।
‘उल्कापिंड जैसी मारक क्षमता’
पुतिन ने खुद दावा किया था कि जब यह मिसाइल अपने टारगेट की तरफ बढ़ती है, तो यह आसमान से गिरते हुए एक दहकते ‘उल्कापिंड’ (Meteorite) की तरह दिखती है और इसका तापमान हजारों डिग्री सेल्सियस तक पहुंच जाता है।
बंकरों को राख करने की ताकत
‘ओरेश्निट’ मिसाइल जमीन के नीचे 3 से 4 मंजिल या उससे भी गहरे बने कंक्रीट के मिलिट्री बंकरों को पूरी तरह नेस्तनाबूद करने की क्षमता रखती है। इसके हमले से पैदा होने वाली काइनेटिक एनर्जी (गतिज ऊर्जा) इतनी तीव्र होती है कि बिना परमाणु पेलोड के भी यह परमाणु हमले जैसा विनाश ला सकती है।
दुनिया का कोई डिफेंस सिस्टम नहीं लगा सकता रोक
पुतिन का दावा है कि फिलहाल दुनिया में ऐसा कोई भी एयर डिफेंस सिस्टम (यहां तक कि अमेरिका का आधुनिक पैट्रियट सिस्टम भी) नहीं बना है, जो इस हाइपरसोनिक मिसाइल की रफ्तार और इसके मल्टिपल वॉरहेड्स (MIRV) को हवा में इंटरसेप्ट कर सके या रोक सके।
हमले को लेकर रूस ने क्या कहा?
रूसी रक्षा मंत्रालय और सुरक्षा परिषद के उपाध्यक्ष दिमित्री मेदवेदेव के अनुसार, कीव पर यह भीषण हमला यूक्रेन द्वारा रूसी क्षेत्र (स्टैरोबिल्स्क) में किए गए एक हमले के जवाब में किया गया है, जिसमें 21 लोगों की मौत हुई थी। रूस ने चेतावनी दी थी कि वे कीव के प्रतीकों को मलबे और राख में बदल देंगे।
यूक्रेन के राष्ट्रपति वोलोडिमिर जेलेंस्की ने इस हमले को ‘विक्षिप्त’ करार देते हुए कहा है कि रूस द्वारा ‘ओरेश्निट’ जैसे खतरनाक परमाणु-सक्षम हथियारों का बार-बार इस्तेमाल करना वैश्विक स्तर पर एक बेहद खतरनाक मिसाल कायम कर रहा है। राजनीतिक और सैन्य विश्लेषकों का मानना है कि रूस इस मिसाइल के जरिए न सिर्फ यूक्रेन को दहला रहा है, बल्कि पश्चिमी देशों और नाटो (NATO) को अपनी परमाणु और हाइपरसोनिक ताकत दिखाकर सीधे तौर पर बैकफुट पर रहने की चेतावनी दे रहा है।

