राजा भैया का पलटवार- ‘ना आपकी सरकार बनेगी, ना हम बनने देंगे’

उत्तर प्रदेश विधानसभा चुनाव के पांचवें चरण में प्रतापगढ़ जिले में भी मतदान है. इस जिले की कुंडा सीट से जनसत्ता दल (लो) के सुप्रीमो रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया चुनावी मैदान में हैं. इसी बीच रघुराज प्रताप सिंह ने सपा सुप्रीमो पर जोरदार पलटवार किया है. हुआ ऐसा कि गुरुवार को अखिलेश यादव ने प्रतापगढ़ में प्रचार करते हुए राजा भैया पर तंज कसा था. सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव के बयान पर रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पलटवार किया है.

अखिलेश यादव को राजा भैया का जवाब
गुरुवार को प्रतापगढ़ में प्रचार करते हुए सपा सुप्रीमो अखिलेश यादव ने कहा था कि कुंडा में तो कुंडी लग गई. प्रतापगढ़ की सारी सीटें जिताओगे कि नहीं. जनसभा में अखिलेश यादव ने योगी सरकार पर खूब तंज कसे. वहीं, कुंडा में कुंडी लगाने का जिक्र भी कर दिया. उनके इसी बयान पर जनसत्ता दल (लो) के सुप्रीमो रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया ने पलटवार किया है. राजा भैया ने कहा है कि कोई माई का लाल नहीं है, जो कुंडा में कुंडी लगा सकता है. जो जैसी भाषा समझेगा वैसी भाषा में जवाब देंगे.

हमने हमेशा मंच की मर्यादा बचाकर टिप्पणी की. जब एक नेताजी ने कहा कि कुंडा में कुंडी लगा देंगे तो मैं कहूंगा कि कोई माई का लाल पैदा नहीं हुआ है. मैं जवाब नहीं देता. लेकिन, बहुत सुन चुका हूं. नेताओं को चाहिए मेनिफेस्टो बताएं. लेकिन, वो ऐसे बयान देते हैं. सात जन्म में भी यहां पर कुंडी नहीं लगा पाएंगे. मैं उनकी गलतफहमी दूर कर दे रहा हूं. उनकी सरकार नहीं आ रही है. उनकी सरकार भी नहीं बनने देंगे.
जनसत्ता दल (लो) के सुप्रीमो रघुराज प्रताप सिंह उर्फ राजा भैया

कुंडा में पुराने करीबी से राजा भैया की जंग…
उत्तर प्रदेश के प्रतापगढ़ जिले में कुंडा सीट है. इस सीट की खासियत राजा भैया हैं. राजा भैया मतलब रघुराज प्रताप सिंह. उनका नाम ही यहां जीत की गारंटी है. राजा भैया 1993 से लगातार कुंडा से विधायक हैं. इस सीट से राजा भैया लगातार छठी बार जीते हैं. इस बार कुंडा सीट पर राजा भैया को चुनौती देने के लिए सपा ने गुलशन यादव को उतारा है. एक समय गुलशन यादव राजा भैया के करीबी थे.

1993 से लगातार जीत रहे रघुराज प्रताप सिंह
राजा भैया का पूरा नाम कुंवर रघुराज प्रताप सिंह है. राजा भैया का नाम कुंडा में जीत की गारंटी है. प्रत्याशी कोई भी हो, किसी पार्टी का हो, राजा भैया के नाम के आगे सब फेल हैं. 1993 में राजा भैया कुंडा से पहली बार चुनावी मैदान में उतरे. जीत हासिल करके वो लखनऊ पहुंचे. 1993 से शुरू हुआ राजा भैया की जीत का सिलसिला जारी है. 2017 के विधानसभा चुनाव में राजा भैया ने निर्दलीय प्रत्याशी के रूप में बीजेपी के जानकी शरण को हराया था. इस बार राजा भैया जनसत्ता दल से मैदान में हैं.

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