पुणे के लोहागढ़ किले में 24 वर्षीय केतन विशाल अग्रवाल की मौत की जांच में बड़ा मोड़ आया है। पुलिस को शक था कि यह हादसा नहीं, बल्कि सुनियोजित हत्या थी। इसके बाद जांच में केतन की मंगेतर पर जानकारी छिपाने का संदेह हुआ, जिसके बाद उसके मोबाइल, कॉल डिटेल और सोशल मीडिया की जांच की गई और यह पूरा मामला सामने आया। जांच में सामने आया है कि केतन की मंगेतर सिया ने ही अपने प्रेमी चेतन चौधरी के साथ मिलकर उसकी हत्या कर दी थी। केतन को पुणे को लोहदगढ़ किले से नीचे धकेल दिया गया था।
प्वाइंट्स में पढ़ें पूरी साजिश
संदीप गिल/ SP पुणे रूरल पुलिस ने इस हत्याकांड के बारे में पूरी जानकारी दी है। उन्होंने बताया- “एक कपल है जिनकी सगाई फरवरी 2026 में हुई थी। ये 18 जून को लोहगढ़ पहाड़ी पर घूमने गए थे। लगभग साढ़े 10 बजे लड़की सिया अग्रवाल ने फोन करके बताया कि जो लड़का है केतन अग्रवाल वो फिसल कर पहाड़ी से गिर गया और उसकी मौत हो गई। उसके बाद सिक्योरिटी गार्ड और लड़के के घरवाले गए और डेडबॉडी को ले आए। उसी दिन पुलिस थाने मैं 36/2026 सेक्शन 194 के तहत एडीआर दाखिल हुई।”
पुलिस ने बताया- “जांच में हमे शक हुआ कि इस तरह की घटना होना बहुत ज्यादा प्रोबेबल नहीं है। क्योंकि केतन ट्रेकिंग करता था। इसके बाद लड़के के परिवार की तरफ से शिकायत दी गई कि मामले में शक पैदा हो रहा है। जांच में सीडीआर और टेक्निकल एविडेंस के आधार पर हमे पता चला कि लड़की सिया गोयल का एक अन्य लड़के चेतन चौधरी के साथ में एक साल से रिलेशन था। दोनों ने मिलकर ये प्लान किया। प्लान करने के बाद इन्होंने इस घटना को अंजाम दिया। दोनों ने लोहगढ़ किले से केतन अग्रवाल को धक्का दिया, वो नीचे गिरा और उसकी मौत हो गई।”
पुलिस ने बताया- “जून के पहले वीक में केतन और सिया का बाली जाने का प्लान था, प्री वेडिंग शूट के लिए। ये पुणे से मुंबई निकले लेकिन मुंबई एयरपोर्ट पर जाने के बाद इन्हें ख्याल आया कि केतन अग्रवाल का पासपोर्ट मिसिंग था, तो वो उनका प्लान फेल हो गया। जांच में ये भी पता चला है कि सिया गोयल ने ही केतन अग्रवाल का पासपोर्ट निकाल लिया था ताकि वो बाली न जा पाए और वापस पुणे आने के बाद इन्होंने ये प्लान किया।”
पुलिस ने बताया- “मुंबई से आने के बड़े केतन और सिया सीधे लोहगढ़ किले पर गए थे लेकिन उस दिन ये घटना हो नहीं पाई या इस घटना को अंजाम देने का एक्ट नहीं किया गया। उसके बाद 18 तारीख को चेतन चौधरी (सिया का प्रेमी) लोहगढ़ पहुंचा। ये दोनों यानी सिया गोयल और केतन अग्रवाल दोबारा लोहगढ़ गए। वहां किले पर पहुंचने के बाद चेतन ने केतन को धक्का मारा।”
पुलिस के अनुसार, “दोनों गोयल और अग्रवाल परिवार पुणे के मार्केट यार्ड इलाके मैं बिजनेस करते है और इनकी संपन्न फैमिली है। हमने इस केस मैं टेक्निकल सर्विलांस जांच की, सीडीआर चेक किए, सोशल मीडिया खंगाले और गोपनीय सूत्रों से जानकारी जुटाई और उसके बाद इस निष्कर्ष पर पहुंचे हैं। इस केस में लोनावाला ग्रामीण पुलिस ने हत्या का मामला दर्ज कर लिया है। इन दोनों आरोपियों को हिरासत में लिया है। पुलिस की पूछताछ में इन दोनों ने अपना जुर्म कबूल लिया है और मामले में अधिक जांच जारी है।”
केतन के पिता ने क्या कहा?
केतन अग्रवाल की मौत पर उनके पिता ने कहा- “सिया गोयल और केतन अग्रवाल की सगाई फरवरी में हुई थी। वे 6 तारीख को बाली जा रहे थे, चार लोग एक साथ बाली जा रहे थे, लेकिन सिर्फ़ केतन का पासपोर्ट चोरी हो गया। इस वजह से वह जा नहीं पाए और उन्हें एयरपोर्ट से वापस लौटना पड़ा। चेतन चौधरी दो-पहिया वाहन से लोहागढ़ किले पर पहुंचे। वे दोनों (चेतन चौधरी और सिया गोयल) एक साथ ऊपर गए, केतन अग्रवाल पर किसी चीज से हमला किया और उन्हें ऊपर से नीचे फेंक दिया। पुलिस ने बहुत मदद की और मामले को बहुत तेजी से सुलझाया। स्थानीय ग्रामीण SP, संदीप सिंह गिल ने बहुत अच्छा सहयोग दिया। उन्होंने तुरंत हमें जानकारी दी और दोनों लोगों को गिरफ़्तार कर लिया। चेतन चौधरी को कल रात गिरफ़्तार किया गया और सिया को आज सुबह गिरफ़्तार किया गया। अब उन्हें कोर्ट में पेश किया जा रहा है।
सिया शादी से मना कर सकती थी- सिया के पिता
केतन के पिता ने क्या कहा- “अगर वह शादी नहीं करना चाहती थी, तो वह बस मना कर सकती थी; हम तुरंत शादी रद्द कर देते। उन्होंने इतना बड़ा और खतरनाक कदम उठाने का फैसला क्यों किया? उनकी सोच कैसी है? उनकी सोच इतनी क्रूर है कि किसी के 26 साल के बेटे की जान ले ली गई। समाज को ऐसी क्रूर सोच पर ध्यान देने की जरूरत है। यह सोच कहां से आती है, उनके परिवार से, उनकी परवरिश से? सरकार से मेरी बस यही अपील है कि इस मामले की सुनवाई हर हाल में तेजी से हो। आरोपियों को जल्द से जल्द सजा मिले। उन्हें कड़ी से कड़ी सजा मिलनी चाहिए ताकि सभी को एक साफ संदेश जाए।”

