खान सर (फैजल खान) और रौशन सर (रौशन आनंद) के मामले में पूर्णिया से लोकसभा सांसद पप्पू यादव की प्रतिक्रिया सामने आई है. उन्होंने कहा कि दो-तीन बार समझने की जरूरत है. कोचिंग को मलयुद्ध मत बनाइए. कुछ लोग होते हैं जो अच्छी संस्थाओं को बदमान करने में लगे रहते हैं. ये कोई नई चीज नहीं है. प्रतिस्पर्धा होना कोई गुनाह नहीं है. दोनों शिक्षक हैं. एक का ग्लोबल लेवल पर रिस्पेक्ट है. दूसरे जो हैं, उन्होंने पांच सालों में बेहतर तरीके से ज्ञान को लोगों के बीच ले गए हैं. दोनों के ज्ञान पर कोई सवाल नहीं है. दोनों की प्रतिस्पर्धा पर कोई सवाल नहीं है. दोनों आदरणीय हैं. लेकिन जिस तरीके कुछ लोग मजे ले रहे हैं, क्रिमिनल की तरह दोनों शिक्षकों को ट्रीट नहीं करना चाहिए.
ये अहंकार की लड़ाई है- पप्पू यादव
पप्पू यादव ने आगे कहा, “न कहीं रौशन थे और न कहीं खान गोली चलाने में खुद हैं. गार्ड ने गोली चलाई जो गलत है. रौशन कहीं नहीं थे, उनको जेल भेज देना गलत है…एक शिक्षक और डॉक्टर को बाउंसर की क्या जरूरत है? इस मलयुद्ध की क्या जरूरत है? ये अहंकार की लड़ाई है. हम बड़ा तो हम बड़ा. पैसे का कोई बहुत बड़ा क्लैस नहीं है.”

