मुंबई में मानसून का कहर जारी है. लगातार हो रही मूसलाधार बारिश के कारण आज सोमवार (6 जुलाई) को मुंबई के प्रसिद्ध डब्बावालों की सेवा बंद रहेगी. वहीं, भारी बारिश की वजह से भूस्खलन और बाढ़ आने से मुंबई-पुणे के बीच आवाजाही ठप हो गई है.
भारतीय मौसम विभाग ने आज भी मुंबई के कुछ इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. हालांकि, इन सबके बीच एक सकारात्मक बात ये रही कि पिछले कुछ दिनों से शहर और आसपास के इलाकों में लगातार भारी बारिश के बाद मुंबई के पानी के स्टॉक में सुधार होता दिखाई दे रहा है.
आज डब्बावालों की सेवा बंद क्यों?
आज मुंबई में भारी बारिश और जलभराव के कारण डब्बावालों की सेवा बंद रहेगी. डब्बावाला संगठन के अध्यक्ष उल्हास मुके ने बताया कि विरार-वसई क्षेत्र में भारी बारिश के चलते कई डब्बावालों के घरों में पानी भर गया है. डब्बावाला संगठन ने कहा कि 125 वर्षों की परंपरा के बावजूद सबसे पहले कर्मचारियों की सुरक्षा महत्वपूर्ण है. इसलिए आज एहतियात के तौर पर सेवा बंद रखने का फैसला लिया गया है.
रेलवे प्रभावित
इसके अलावा कई रेलवे स्टेशनों पर भी जलभराव की स्थिति है. कर्मचारियों की सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए आज सेवा स्थगित करने का निर्णय लिया गया है. संगठन ने ग्राहकों से हुई असुविधा के लिए खेद जताया है. कई रेलवे स्टेशनों पर भी जलभराव का असर ट्रेनों के संचालन पर भी पड़ रहा है. यहां कम से कम 16 ट्रेनें रद्द कर दी गईं और 9 ट्रेनों का मार्ग बदल दिया गया है. BMC ने लोगों से अपील की गई है कि वो बहुत जरूरत होने पर ही घर से निकलें.
कई इलाकों के लिए रेड अलर्ट जारी
भारतीय मौसम विभाग (IMD) ने मुंबई, ठाणे, पालघर, रायगढ़ के लिए रेड अलर्ट जारी किया है. BMC ने ट्वीट कर बताया कि शहर और उपनगरों में लगातार बारिश जारी है. शहर और उपनगरों में कुछ इलाकों में बहुत भारी बारिश और कुछ अलग-अलग इलाकों में अत्यधिक भारी बारिश की संभावना है. इस दौरान कभी-कभी 60-70 किमी/घंटा की रफ्तार से तेज हवाएं चलने की भी संभावना हैं.
जलाशयों में पानी का स्तर बढ़ा
हालांकि, इन सबके बीच एक सकारात्मक बात ये रही कि रविवार (5 जुलाई) की सुबह 6 बजे से सोमवार (6 जुलाई) तक हुई बारिश के कारण, मुंबई को पानी सप्लाई करने वाले 7 जलाशयों में पानी का स्तर 16.92 प्रतिशत तक पहुंच गया है. पिछले 24 घंटों में जलाशयों में पानी के स्तर में 3.73 प्रतिशत की बढ़ोतरी हुई है. एक रिपोर्ट के अनुसार, सातों झीलों में कुल लाइव स्टोरेज बढ़कर 1,90,898 मिलियन लीटर हो गया है, जबकि इनकी कुल क्षमता 14,47,363 मिलियन लीटर है.

