भारतीय सेना में अहम नियुक्ति के तहत लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन, एवीएसएम, एसएम ने बुधवार को वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ (VCOAS) का पदभार संभाल लिया। एनडीए के पूर्व छात्र रहे लेफ्टिनेंट जनरल जैन को वर्ष 1988 में महार रेजिमेंट में कमीशन मिला था। लगभग चार दशक के अपने सैन्य करियर में उन्होंने कई संवेदनशील और चुनौतीपूर्ण क्षेत्रों में महत्वपूर्ण जिम्मेदारियां सफलतापूर्वक निभाई हैं।
संयुक्त राष्ट्र मिशन का कर चुके हैं नेतृत्व
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन का सैन्य करियर कई अहम नेतृत्व भूमिकाओं से जुड़ा रहा है। उन्होंने अर्ध-रेगिस्तानी क्षेत्र में इन्फैंट्री बटालियन की कमान संभालने के अलावा संयुक्त राष्ट्र मिशन, दक्षिण सूडान में भी महत्वपूर्ण जिम्मेदारी निभाई। इसके साथ ही वह स्ट्राइक कोर में इन्फैंट्री ब्रिगेड, उत्तरी कमान की काउंटर-इंसर्जेंसी फोर्स और एक पिवट कोर का सफल नेतृत्व कर चुके हैं। उनके व्यापक अनुभव और उत्कृष्ट नेतृत्व क्षमता को देखते हुए उन्हें भारतीय सेना के वाइस चीफ ऑफ द आर्मी स्टाफ की जिम्मेदारी सौंपी गई है।
आतंकवाद विरोधी अभियानों का है व्यापक अनुभव
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन के सैन्य करियर में कई अहम और चुनौतीपूर्ण जिम्मेदारियां शामिल रही हैं। उन्होंने ऑपरेशन पवन में सक्रिय भूमिका निभाई, इथियोपिया में संयुक्त राष्ट्र मिशन के तहत सैन्य पर्यवेक्षक के रूप में सेवाएं दीं और नियंत्रण रेखा (LoC) व पूर्वोत्तर भारत के उच्च हिमालयी क्षेत्रों में कई महत्वपूर्ण तैनातियां संभालीं। आतंकवाद विरोधी अभियानों में उनके व्यापक अनुभव के साथ-साथ दक्षिण सूडान में संयुक्त राष्ट्र मिशन के एक सेक्टर का सफल नेतृत्व भी उनकी उल्लेखनीय उपलब्धियों में शामिल है।
उत्तरी कमान में एक कोर की संभाल चुके हैं कमान
लेफ्टिनेंट जनरल के पद पर पदोन्नति के बाद संदीप जैन ने उत्तरी कमान में एक कोर का नेतृत्व किया। इसके पश्चात उन्होंने दक्षिणी कमान मुख्यालय में चीफ ऑफ स्टाफ के रूप में कार्य करते हुए सेना की परिचालन तैयारियों, क्षमता विकास और बल पुनर्गठन से जुड़े कई अहम कार्यों का नेतृत्व किया। उनके प्रभावी नेतृत्व और अनुभव को देखते हुए बाद में उन्हें दक्षिणी कमान का जनरल ऑफिसर कमांडिंग-इन-चीफ (GOC-in-C) नियुक्त किया गया।
निभाए हैं सैन्य तैयारियों से जुड़े कई अहम दायित्व
लेफ्टिनेंट जनरल संदीप जैन का सैन्य अनुभव पारंपरिक युद्ध, आतंकवाद विरोधी अभियानों, ऊंचाई वाले इलाकों में सैन्य संचालन और संयुक्त राष्ट्र शांति मिशनों तक फैला हुआ है। उन्होंने विभिन्न चुनौतीपूर्ण परिस्थितियों में सेना का सफल नेतृत्व किया है। पेशेवर प्रशिक्षण के तहत उन्होंने आर्मी वॉर कॉलेज से हायर कमांड कोर्स और केन्या में नेशनल डिफेंस कोर्स पूरा किया। भारतीय सेना में उनकी उत्कृष्ट और विशिष्ट सेवाओं के सम्मान में उन्हें अति विशिष्ट सेवा पदक (AVSM) और सेना मेडल (SM) से सम्मानित किया जा चुका है।
