चीन ने पैंगोंग-त्सो लेक के पास तैनात की तोपें, फिंगर 4 पर डटा है ड्रैगन

Top News

भारत चीन सीमा वावाद लाख प्रयासो के बाद भी पूरी तरह से हल नहीं हो पाया है, अब एलएसी पर टकराव के बीच खबर है कि चीन की पीएलए सेना ने पैंगोंग-त्सो लेक के करीब अपनी तोपें तैनात कर ली हैं। यानी चीन किसी भी हाल में पीछे हटने को तैयार नहीं है। सूत्रों की माने तो चीनी सेना ने पैंगोंग लेक के करीब PLA सेना ने किसी भी परिस्थिती से निपटने की पूरी तैयारी कर रखी है। वहीं PLA सेना ने एक फील्ड-हॉस्पिटल भी तैयार कर लिया है। जिससे युद्ध में घायल सैनिको को इलाज तुरंत मिल सके।

जानकारी का मानना है कि पैंगोंग-त्सो लेक से सटे इलाको में चीनी सेना ने जो भारी तादात में तोपों की तैनाती कर रखी है उससे ऐसा लगता है कि चीनी सैनिक पैंगोंग लेक से सटे फिंगर नंबर 4 इलाके से पीछे हटने के लिए तैयार नहीं है। बल्की चीनी सेना अपनी तैनाती इस इलाके में मजबूत करने में जुटी है।

सूत्रों की माने तो चीनी सेना की ये आर्टलरी पोजिशन (यानि तोपों की लोकेशन) फिंगर 8 के पीछे सिरिजैप के काफी करीब है। लेकिन इन तोपों की जद में पूरा फिंगर एरिया है। क्योंकि फिंगर 1 से 8 तक की दूरी करीब 12-13 किलोमीटर की है। साथ ही फील्ड हॉस्पिटल की लोकेशन भी सिरिजैप और खुरनाक फोर्ट के बीच हैं।

बीते हफ्ते की ओपन-सोर्स सैटेलाइट इमेज को देखे तो साफ हो जाता है कि पीएलए सेना की आर्टी-लोकेशन फिंगर 8 के पीछे है। इन सैटेलाइट इमेज में चीन की कम से कम 14 तोपों की लोकेशन साफ दिखाई दे रहे हैं। ठीक उसी तरह फील्ड हॉस्पिटल भी दिखा जा सकता है।

आपको बता दें कि पिछले 2 महीने से भी ज्यादा समय से पूर्वी लद्दाख से सटे लाइन ऑफ एक्चुयल कंट्रोल पर भारत और चीन के बीच टकराव की स्थिति बनी हुई है। इस तनाव के बीच बीते जून के महीने में दोनो देशों की सेनाओं के बीच हिंसक झड़प भी हुई थी जिसमें भारत के 20 जवान शहीद भी हो गए थे। वहीं चीन के भी करीब 40 सैनिको के मारे जाने की खबर थी।

इस तनाव को कम करने के लिए दोनों देशों के सैन्य कमांडर चार बार बैठक भी कर चुके हैं। पहले चरण का डिसइंगेजमेंट सफल रहा जिसके तहत गलवान घाटी, गोगरा और हॉट-स्प्रिंग में तो दोनों देशों की सेनाएं थोड़ा पीछे हट चुकी हैं लेकिन पैंगोंग लेक से सटे फिंगर एरिया में पेंच फंस गया है। वहां से चीनी सैनिक फिंगर एरिया नंबर 4 की रिज-लाइन से पीछे हटने को तैयार नहीं है। ऐसे में डिसइंगेजमेंट प्रक्रिया में बाधा पड़ गई है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *