यमन के हूती विद्रोहियों ने लाल सागर में सऊदी अरब के दो तेल टैंकरों पर हमले की जिम्मेदारी ली है। हूती समूह के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया कि उनकी सेना ने ENCELIA और LAYLA नामक टैंकरों को निशाना बनाया। यह घटना सना एयरपोर्ट पर सऊदी सैन्य कार्रवाई के कुछ दिनों बाद हुई है, जिसके चलते सऊदी अरब और ईरान समर्थित हूती विद्रोहियों के बीच तनाव और बढ़ गया है।
हूती के घेराव तोड़ा तो किया हमला
हूती विद्रोहियों के प्रवक्ता ब्रिगेडियर जनरल याह्या सरी ने दावा किया कि उनकी सेना ने एक विशेष सैन्य अभियान के तहत दो तेल टैंकरों को निशाना बनाया। उनके अनुसार, इन जहाजों ने लाल सागर में हूतियों द्वारा लगाए गए प्रतिबंधों और घेराव का उल्लंघन किया था, जिसके चलते यह कार्रवाई की गई।
हमले में किया बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों का इस्तेमाल
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि यह सैन्य अभियान बैलिस्टिक और क्रूज मिसाइलों के साथ-साथ ड्रोन की मदद से अंजाम दिया गया। उनके अनुसार, हमले अपने लक्ष्य पर सटीक रहे, जिसके कारण दोनों तेल टैंकरों में भीषण आग लग गई।
लाल सागर में पीछे हटने को मजबूर हुए 10 जहाज
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने दावा किया कि इस अभियान के बाद करीब 10 जहाजों को अपना रास्ता बदलने या वापस लौटने पर मजबूर होना पड़ा। उन्होंने कहा कि हूती विद्रोही सऊदी अरब के खिलाफ अपने नौसैनिक अभियान जारी रखेंगे और ‘घेराबंदी के बदले घेराबंदी’ की रणनीति पर आगे भी अमल करते रहेंगे।
जवाब दिया तो सऊदी अरब में घुसकर करेंगे हमला
हूती प्रवक्ता याह्या सरी ने सऊदी अरब को चेतावनी देते हुए कहा कि यमन को निशाना बनाने वाली किसी भी सैन्य कार्रवाई का जवाब कड़े और व्यापक अभियानों के जरिए दिया जाएगा। उन्होंने दावा किया कि यदि ऐसे हमले जारी रहे तो सऊदी अरब को इसके गंभीर परिणाम भुगतने पड़ सकते हैं।
सऊदी के लिए हूती ने बंद की Bab el-Mandeb स्ट्रेट
हाल ही में हूती विद्रोहियों ने घोषणा की थी कि यमन के पास स्थित बाब-अल-मंदेब जलडमरूमध्य, जो लाल सागर को अदन की खाड़ी से जोड़ता है, सऊदी अरब के जहाजों के लिए बंद रहेगा। विशेषज्ञों का मानना है कि बढ़ते खतरे के चलते अन्य देशों के जहाज भी इस मार्ग से गुजरने से बच सकते हैं। ऐसा होने पर वैश्विक समुद्री व्यापार पर बड़ा असर पड़ सकता है, क्योंकि दुनिया के करीब 12 प्रतिशत व्यापार का आवागमन इसी रास्ते से होता है।

