नेपाल में हाल ही में आई विनाशकारी बाढ़ के बाद के हालात को एक व्लॉगर ने अपने वीडियो में कैद किया है, जो अब काफी वायरल हो रहा है। सत्यम पांडे ने बाढ़ प्रभावित एक निर्माण स्थल का दौरा किया, जहां भारी ट्रक और जेसीबी मशीनें मोटी कीचड़ और मलबे के नीचे दबी हुई थीं। वीडियो में उन्होंने एक ट्रक के अंदर घुसकर बताया कि वहां सड़ी हुई लाशों जैसी तेज दुर्गंध आ रही है।
इंस्टाग्राम पर शेयर किया गया वीडियो
इस वीडियो को इंस्टाग्राम पर @satyampandeyskn नामक हैंडल से शेयर किया गया है। इस वीडियो में सत्यम बाढ़ से प्रभावित इलाके में घूमते नजर आते हैं। वे कई निर्माण और परिवहन वाहनों को दिखाते हैं जो लगभग पूरी तरह मलबे में दबे हुए हैं। एक ट्रक के अंदर ड्राइवर की सीट और स्टीयरिंग व्हील अभी भी दिखाई दे रहे हैं। केबिन का बड़ा हिस्सा कीचड़ और मिट्टी से भरा हुआ है, जबकि ऊपरी हिस्से में ड्राइवर के कंबल और अन्य सामान भी नजर आते हैं।
तेज बदबू की ओर किया इशारा
व्लॉगर ट्रक के अंदर तेज बदबू का जिक्र करते हुए कहते हैं कि यह मरे हुए जानवर या लाश की गंध जैसी लग रही है। वह इसकी तुलना किसी मृत जानवर या शरीर की गंध से करते हैं, जिससे पहले से ही विचलित कर देने वाला दृश्य और भी भयावह हो जाता है। उन्होंने बताया कि इस इलाके में आने और वीडियो शूट करने में काफी जोखिम था। वे बोले कि, “नेपाल में आई अचानक बाढ़ के बाद के हालात आप सभी को दिखाने के लिए मैंने यहां आकर यह वीडियो बनाने का बहुत बड़ा जोखिम उठाया है।” वे कहते हैं। सत्यम बाद में ट्रक के पिछले हिस्से पर चढ़कर दिखाते हैं कि वह हिस्सा कितनी गहराई तक पानी में डूब गया है। वह बताते हैं कि इतना बड़ा और भारी ट्रक होने के बावजूद, वाहन अब लगभग ज़मीन के स्तर पर दिखाई दे रहा है। व्लॉगर वाहन की इस स्थिति का उपयोग बाढ़ के पानी और कीचड़ के संभावित बल को दिखाने के लिए करते हैं। आसपास का इलाका मलबे से भरा हुआ है, जिससे दर्शकों को आपदा के बाद की स्थिति को करीब से देखने का मौका मिलता है। यह वीडियो सोशल मीडिया पर वायरल हो रहा है।
नेपाल में राहत कार्य जारी
यह वीडियो ऐसे समय में सामने आया है जब नेपाल के बाढ़ प्रभावित इलाकों में बचाव और राहत कार्य जारी है। इस आपदा के कारण घर, वाहन और अन्य बुनियादी ढाँचे कीचड़ में दब गए हैं, और टीमें क्षतिग्रस्त क्षेत्रों में खोजबीन जारी रखे हुए हैं। बाढ़ के बाद के हालात ने पीड़ितों और लापता लोगों की मदद करने वाली टीमों के लिए भी बड़ी चुनौतियां खड़ी कर दी हैं। अधिकारियों को कीचड़ और मलबे से शव निकालने पड़े हैं, वहीं सीमित सुविधाओं ने काम को और भी कठिन बना दिया है।

